Home » Economy » Policyआधार डाटा को लेकर फैली अफवाहें -Rumours about Aadhaar, UIDAI told the truth

आधार को लेकर फैली हैं ये 7 अफवाहें, सच बताने खुद सामने आई मोदी सरकार

आए दिन आधार डाटा में सेंध लगने की खबरें आने के बाद लोगों में आधार और इसके डाटा की सिक्‍योरिटी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं

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नई दिल्‍ली. आए दिन आधार डाटा में सेंध लग जाने की खबरें आने के बाद लोगों में आधार को और इसके डाटा की सिक्‍योरिटी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों की चिंता को देखते हुए सरकार ने खुद आगे आकर लोगों को सच्‍चाई बताने की पहल की है।

 

आधार जारी करने वाली अथॉरिटी यूआईडीएआई ने लोगों में फैली गलतफहमियों को दूर करते हुए बताया है कि आधार डाटा पूरी तरह सुरक्षित है और इसकी चोरी नहीं हुई है।

 

आधार को लेकर ऐसी ही कुछ अन्‍य अफवाहें भी फैली हुई हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसी ही 7 अफवाहों और यूआईडीएआई द्वारा उन अफवाहों को लेकर बताई गई सच्‍चाई के बारे में- 

 

अफवाह नंबर-1

UIDAI के पास मेरी बायोमेट्रिक डिटेल्‍स के अलावा बैंक अकाउंट, पैन आदि जैसी अन्‍य डिटेल्‍स भी हैं। क्‍या इनसे मेरी एक्टिविटीज को ट्रैक किया जा सकता है? 

 

सच्‍चाई- UIDAI के पास केवल आपका नाम, पता, जन्‍मतिथि, लिंग, 10 फिंगर प्रिन्‍ट्स, आंख की पुतलियों का स्‍कैन, फेशियल फोटोग्राफ, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी है। इसके अलावा आपकी बैंक अकाउंट डिटेल्‍स, शेयर्स, म्‍यूचुअल फंड्स, फाइनेंशियल और प्रॉपर्टी डिटेल्‍स, हेल्‍थ रिकॉर्ड्स, परिवार, जाति, धर्म, शिक्षा आदि जैसी कोई भी जानकारी UIDAI के पास नहीं है। इसलिए आपकी बैंक अकाउंट या पैन जैसी डिटेल्‍स अथॉरिटी के पास होना एक अफवाह है। 

 

सच तो यह है कि आधार एक्‍ट 2016 के सेक्‍शन 32(3) के तहत UIDAI को नाग‍रिक के ऑथेंटिकेशन के उद्देश्‍य से खुद या किसी अन्‍य के द्वारा किसी भी तरह की जानकारी को नियंत्रित करना, इकट्ठा करना, या अपने पास रखना प्रतिबंधित है।

 

आगे पढ़ें- क्‍या है दूसरी अफवाह 

अफवाह नंबर-2 

जब मैं अपना बैंक अकाउंट, शेयर, म्‍यूचुअल फंड, मोबाइल नंबर आदि आधार के साथ लिंक करता हूं, क्‍या तब भी UIDAI के पास ये जानकारी नहीं होगी?

 

सच्‍चाई- नहीं। जब आप आधार नंबर बैंक, म्‍यूचुअल फंड कंपनी, मोबाइल फोन कंपनी आदि को देते हैं तो वे केवल आधार नंबर, आपकी बायोमेट्रिक्‍स और नाम आदि को UIDAI के पास आपकी पहचान के वेरिफिकेशन के लिए भेजते हैं। वे आपकी बैंक अकाउंट डिटेल्‍स UIDAI को नहीं भेजते हैं। UIDAI केवल हां या न में आपकी पहचान की पुष्टि करता है। 

 

आगे पढें- क्‍या है तीसरी अफवाह

अफवाह नंबर-3 

आधार नंबर से बैंक अकाउंट हैक हो सकता है।

 

सच्‍चाई- अगर कोई आपका आधार नंबर जानता है तो भी आपके एटीएम कार्ड नंबर के बिना एटीएम से पैसे नहीं निकाले जा सकते। न ही कोई केवल आपके आधार नंबर से आपका बैंक अकाउंट हैक कर सकता है। अगर आपने अपना पिन या ओटीपी किसी से शेयर नहीं किया है तो आपको अकाउंट सेफ है।

 

आगे पढें- क्‍या है चौथी अफवाह

अफवाह नंबर-4 

मोबाइल कंपनी सिम वेरिफिकेशन के दौरान ली गई बायोमेट्रिक डिटेल्‍स को स्‍टोर कर लेती है। 

 

सच्‍चाई- मोबाइल कंपनियों समेत कोई भी आपकी बायोमेट्रिक डिटेल्‍स को स्‍टोर या इस्‍तेमाल नहीं कर सकता। जब आप वेरिफिकेशन के लिए अपने फिंगरप्रिन्‍ट देते हैं तो ये डाटा वेरिफिकेशन के लिए UIDAI के पास जाता है। 

 

आधार (ऑथेंटिकेशन) रेगुलेशंस 2016 के रेगुलेशन 17(1)(a) के प्रतिबंध के तहत मोबाइल फोन कंपनियों, बैंकों आदि समेत कोई भी एंटिटी किसी भी कारण से आपके फिंगर प्रिन्‍ट्स को स्‍टोर, शेयर या पब्लिश नहीं कर सकती और न ही इसकी कॉपी अपने पास रख सकती है। 

 

आधार एक्‍ट 2016 के तहत इस प्रतिबंध का उल्‍लंघन करना दंडनीय अपराध है। 

 

आगे पढ़ें- पांचवीं अफवाह

अफवाह नंबर-5

आधार के बिना नहीं मिलेंगी राशन और पेंशन जैसी सुविधाएं

 

सच्‍चाई- आधार एक्‍ट के सेक्‍शन 7 में यह स्‍पष्‍ट रूप से उल्लिखित है कि जब तक किसी इन्‍सान को आधार नंबर नहीं मिल जाता, तब तक उसे राशन या पेंशन या ऐसी अन्‍य जरूरी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। आधार नंबर नहीं होने की सूरत में पहचान की पुष्टि के लिए अन्‍य आइडेंटिटी प्रूफ का इस्‍तेमाल किया जा सकता है। 

अगर किसी सरकारी विभाग का कोई अधिकारी आधार नंबर नहीं होने पर आपको सरकारी योजनाओं के लाभ और सर्विसेज उपलब्‍ध नहीं कराता है तो आप इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 

 

आगे पढ़ें- एक और अफवाह के बारे में 

अफवाह नंबर-6 

नहीं चलेगा ई-आधार

 

सच्‍चाई- UIDAI की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया ई-आधार भी उतना ही वैलिड है, जितना कि ओरिजिनल आधार। दोनों तरह के आधार सभी एजेंसियों में स्‍वीकार्य हैं। यहां त‍क कि अपडेटेड एड्रेस या अन्‍य डिटेल्‍स वाले ई-आधार या एम आधार को वरीयता दी जानी चाहिए। 

 

अगर कोई विभाग या एजेंसी ई-आधार को इनवैलिड बताती है, तो यह गलत है। इसके खिलाफ आधार होल्‍डर उन विभागों या एजेंसियों के उच्‍च अधिकारियों को शिकायत कर सकता है। 

 

आगे पढ़ें- एक और अफवाह के बारे में 

अफवाह नंबर-7 

आधार डाटा में सेंध लग चुकी है।

 

सच्‍चाई- 7 साल पहले जब आधार अस्तित्‍व में आया, तब से लेकर अब तक इसके डाटाबेस में सेंध नहीं लग सकी है। सभी आधार होल्‍डर्स का डाटा सुरक्षित है। आधार डाटा चोरी होने की ज्‍यादातर खबरों में गलत जानकारी दी गई है। आपके आधार डाटा को सुरक्षित रखने के लिए UIDAI एडवांस्‍ड सिक्‍योरिटी टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल करता है। साथ ही सिक्‍योरिटी में सेंध लगने के खतरों और चुनौतियों को देखते हुए इसे अपग्रेड भी करता रहता है। 

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