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22 सालों से इसलिए नहीं हारी BJP, इकोनॉमी के इन 5 फैक्‍टर से लहरा रहा परचम

भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर गुजरात विधानसभा चुनाव में अपना परचम फहरा दिया है।

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नई दिल्‍ली. भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर गुजरात विधानसभा चुनाव में अपना परचम फहरा दिया है। इस प्रकार बीजेपी लगातार 22वें साल गुजरात में अपना दबदबा बनाए रखने में कामयाबा हुई है। बीजेपी के दबदबे के पीछे 5 इकोनॉमिक फैक्‍टर को अहम माना जा रहा है। एक नजर गुजरात के इन इकोनॉमिक फैक्‍टर पर डालते हैं जिससे पता चलता है कि इन पैमाने पर गुजरात का प्रदर्शन कैसा रहा है। 

 

प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश 

 

कोई राज्‍य कितना प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई  आकर्षित कर रहा है, यह राज्‍य में विकास की रफ्तार को लेकर अहम संकेत देता है। गुजरात में पिछले तीन साल के दौरान एफडीआई प्रवाह बढ़कर दोगुना हो गया है। वित्‍त वर्ष 2014-15 गुजरात में एफडीआई प्रवाह कुल 1.53 अरब डॉलर था जो 2016- 17 में बढ़कर 3.36 अरब डॉलर हो गया। वहीं 2015-16 में एफडीआई का प्रवाह 2.24 अरब डॉलर था। 

 

 

जीडीपी ग्रोथ 

 

अगर स्‍टेट जीडीपी ग्रोथ के मोर्चे पर देखें तो इस मोर्चे पर भी गुजरात का प्रदर्शन बेहतर रहा है। नीति आयोग के अनुसार करंट प्राइस पर 2004- 05 में गुजरात की जीएसडीपी ग ग्रोथ 20.34 फीसदी रही थी। हालांकि बाद में इसमें गिरावट आई और 2013-14 में यह घट कर 16.26 फीसदी रही है। नीति आयोग के डाटा के अनुसार दूसरे राज्‍यों की तुलना में गुजरात की जीएएसडीपी ग्रोथ के आंकड़े बेहतर हैं। 

 

 

इन्फ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट 

 

इन्फ्रास्‍ट्रक्‍चर के मोर्चे पर अगर देखें तो गुजरात में कुल 502 इन्फ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट चल रहे हैं। इन प्रोजेक्‍ट की कुल लागत लगभग 2.90 लाख करोड़ रुपए है। नीति आयोग के 30 अप्रैल 2017 तक के डाटा के अनुसार इन प्रोजेक्‍ट में पीपीपी प्रोजेक्‍ट, सरकारी प्रोजेक्‍ट और प्राइवेट सेक्‍टर के प्रोजेक्‍ट शामिल हैं। 

 

बिजली उत्‍पादन 

 

बिजली उत्‍पादन के मोर्चे पर भी गुजरात ने पिछले एक दशक के दौरान दूसरे राज्‍यों की तुलना में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। नीति आयोग के डाटा के अनुसार 2006 में 70,669 मेगावॉट प्रति घंटा बिजली का उत्‍पादन हुआ था जो 2015 में बढ़कर 1.39 लाख मेगावाट प्रति घंटा हो गया। 2016 में यह गिर कर 1.04 लाख मेगावाट प्रति घंटा  रह गया। 

 

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 

 

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैकिंग से पता चलता है कि किसी राज्‍य में बिजनेस करना कितना आसान या मुश्किल है। डीआईपीपी के लेटेस्‍ट डाटा के मुताबिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मानकों में सुधार करने के लिहाज से गुजरात का स्‍कोर 71.2 रहा है। इस रैंकिंग में गुजरात दूसरे स्‍थान पर है। पहले स्‍थान पर तेलंगाना है। 

 

 

 

 

 

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