बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyखास खबर: क्‍या गलत दवाओं से हो रहा है किसानों के मर्ज का इलाज

खास खबर: क्‍या गलत दवाओं से हो रहा है किसानों के मर्ज का इलाज

मोदी सरकार 2014 के आम चुनाव में किसानों को उपज की लागत पर 50 फीसदी प्रॉफिट देने का वादा करके सत्‍ता में आई थी

1 of

नई दिल्‍ली. मोदी सरकार 2014 के आम चुनाव में किसानों को उपज की लागत पर 50 फीसदी प्रॉफिट देने का वादा करके सत्‍ता में आई थी। इस बार के आम बजट में मोदी सरकार ने यह वादा पूरा करने की बात कही है। यानी लगभग चार साल के बाद भी किसानों को उपज की लागत पर 50 फीसदी प्रॉफिट का इंतजार है। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में कृषि क्षेत्र खास कर किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं, लेकिन जमीन पर इन स्‍कीमों का खास फायदा नजर नहीं आ रहा है। इकोनॉमिक सर्वे 2017 में सरकार ने खुद कहा है कि किसान परिवार की सालाना इनकम 20,000 रुपए है। यानी एक किसान परिवार हर माह 1200 रुपए में जिंदगी बसर करने पर मजबूर है। एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि सरकारों और नीति निर्माताओं को किसानों को लेकर नजरिया बदलने की जरूरत है। मोदी सरकार के कार्यकाल में शुरू हई स्‍कीम्स  किसानों को इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर तो मुहैया कराती हैं। यह होना चाहिए, लेकिन इससे किसानों की इनकम नहीं बढ़ती है। किसानों की इनकम बढ़ने के लिए जरूरी है कि उनको अपनी फसल की वह कीमत मिले, जिस पर उनको ठीक-ठाक मुनाफा हो। ऐसा नहीं हो रहा है। ऐसे में किसानों की इनकम कैसे बढ़ेगी। 

 

 

मोदी सरकार की किसानों के लिए चलाई गईं स्‍कीम 

 

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना       2. 70 लाख किसानों को मिला फायदा 
स्‍वाइल हेल्‍थ कार्ड डिस्‍ट्रीब्‍यूट किए गए  10.52 करोड़ 
ई नैम नेशनल एग्रीकल्‍चर मार्केट से जुड़ीं   14 राज्‍यों की 479 मंडिया 
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना     5.70 करोड़ रुपए किसानों ने 2 016-17 में खरीदा कवर 

 

 

किसानों की क्‍यों नहीं बढ़ी इनकम 

-महंगाई के आधार पर तय होती है एमएसपी 

-मोदी सरकार के कार्यकाल में महंगाई रही कम 
-किसानों को नहीं मिली मुनाफे वाली कीमत 
-ज्‍यादा उत्‍पादन से भी कीमतों में आई गिरावट 

 

 

महंगाई कम रखने के लिए किसान को नहीं दी जा रही सही कीमत 

सरकार गेहूं, धान सहित कुछ प्रमुख फसलों की न्‍यूनतम कीमत यानी एमएसपी तय करती है वह महंगाई के आधार पर करती है। कृषि मामलों के जानकार देविंदर शर्मा ने moneybhaskar.com को बताया कि सरकार महंगाई कम रखना चाहती है। इसलिए फसलों की कीमत कम रखी जाती है। इस तरह से देखें तो महंगाई कम रखने की कीमत किसान चुकाता है और उसको अपनी फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती है। 

 

 

मोदी सरकार की स्‍कीम्स से बढ़ा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर 

मोदी सरकार ने किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, स्‍वाइन हेल्‍थ कार्ड, ई नैम और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी योजनाएं लागू की हैं। इन स्‍कीमों से किसानों को क्‍या फायदा हुआ इस पर देविंदर शर्मा का कहना है कि इन स्‍कीम्स से इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर बढ़ा है। लंबे समय से किसानों को इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की जरूरत थी। लेकिन इन स्‍कीम्स से किसानों की इनकम बढ़ने की बात भ्रम है। उदाहरण के लिए पंजाब में 98 फीसदी जमीन सिंचित है लेकिन फिर भी पंजाब में किसान आत्‍महत्‍या कर रहे हैं। इसका कारण है किसानों को फसल की वह कीमत नहीं मिल रही है, जिससे उनको मुनाफा हो। इसी तरह ई-नैम की बात करें तो ई-नैम में जो मॉडल प्राइस होती है वह एक दिन की ट्रेडिंग की औसत कीमत के आधार पर तय होती है। वह भी एमएसपी से बहुत कम होती है। ऐसे में ई-नैम से किसानों को सही कीमत कैसे मिलेगी। अगर मान लिया जाए कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का फायदा किसानों को मिल रहा है तो यह स्‍कीम तो उनके नुकसान की भरपाई करती है। यह स्‍कीम किसानों की इनकम कैसे बढ़ा सकती है। मौजूदा समय में देश में 42,000 मंडियों की जरूरत है लेकिन मंडिया हैं सिर्फ 7.5 हजार। यानी अभी भी किसानों के लिए जरूरी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की भारी कमी है। 

 

 

आगे पढें-कैसे बढ़ेगी किसानों की इनकम 

 

 

 

किसानों की कैसे बढ़ेगी इनकम 

-किसानों को मिले डायरेक्‍ट इनकम सपोर्ट 

-प्रति माह 18000 रुपए हो किसान की इनकम 
-इनकम में कमी सरकार पूरा करे 

 

 

देविंदर शर्मा का कहना है कि हर किसान परिवार की मंथली इनकम 18,000 रुपए प्रति माह होनी चाहिए। इससे कम में उसका गुजारा नहीं हो सकता है। इसके लिए सरकार चाहे डायरेक्‍ट इनकम सपोर्ट का तरीका अपनाए। एमएसपी बढाए या उसकी कमी की भरपाई सीधे उसके अकाउंट में पैसा डाल कर करे। उदाहरण के लिए अगर किसान को अपनी फसल बेच कर प्रति माह 10,000 रुपए की इनकम हो रही है तो बाकी 8 हजार रुपए सरकार दे। इसी तरह से किसान की न्‍यूनतम इनकम सुनिश्चित की जा सकती है। अगर सरकार चपरासी को प्रति माह 18,000 रुपए वेतन सुनिश्चित कर सकती है तो किसान के लिए क्‍यों नहीं। 

 

 

किसान परिवार की सालाना इनकम 20,000 रुपए 

इकोनॉमिक सर्वे 2017 के मुताबिक किसान परिवार की सालाना इनकम 20,000 रुपए है। यानी किसान की प्रति माह इनकम 1,200 रुपए है। इतने पैसे में एक किसान किस तरह से से अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर सकता है। क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्‍ट डीके जोशी का कहना है कि अगर किसी फसल का ज्‍यादा उत्‍पादन होता है तब भी उसकी कीमतें गिर जाती हैं। ऐसे में कई बार किसान को अपनी उपज की लागत भी नहीं मिलती है। सालों से ऐसा हो रहा है। ऐसे में किसान की इनकम बढ़ने के बजाए घट गई है। इकोनॉमिस्‍ट पई पनंदिकर के मुताबिक, जीडीपी के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि उपज का उत्‍पादन तो बहुत ज्‍यादा हुआ है लेकिन अभी इसका फायदा किसानों को नहीं मिल रहा है। जीडीपी डाटा एग्रीकल्‍चर ग्रोथ 4.1 फीसदी बता रहा है। अब यह डाटा आगे भी बना रहेगा कि यह देखना होगा। 

 

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट