बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyमोदी का EPF फॉर्मूला मानें तो नवंबर से दिसंबर के बीच चली गई 4.50 लाख लोगों की नौकरी

मोदी का EPF फॉर्मूला मानें तो नवंबर से दिसंबर के बीच चली गई 4.50 लाख लोगों की नौकरी

नवंबर में EPFO 4 करोड़ 54 लाख 96 हजार एक्टिव मेंबर्स थे। दिसंबर में यह घटकर 4 करोड़ 50 लाख 33 हजार रह गई।

1 of

नई दिल्‍ली.  युवाओं को नौकरी देने के वादे पर मोदी सरकार की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। इम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड यानी ईपीएफ के आंकड़ों के मुताबिक, एक महीने में करीब 4.50 लाख लोगों की नौकरी चली गई। नवंबर में इसके एक्टिव मेंबर्स की संख्या 4 करोड़ 54 लाख 96 हजार थी। दिसंबर में यह घटकर 4 करोड़ 50 लाख 33 हजार रह गई। बता दें कि 2017 में ईपीएफ ने बताया कि उसके मेंबर की तादाद में 70 लाख का इजाफा हुआ था। 

 

 

एक महीने में 4.50 लाख तक कम हो गए EPFO के एक्टिव मेंबर 

महीने EPFO के एक्टिव मेंबर्स (संख्‍या करोड़ में )
नवंबर 2017 4 करोड़ 54 लाख 96 हजार 435 
दिसंबर 2017  4 करोड़ 50 लाख 33 हजार 466
जनवरी 2018  4 करोड़ 50 लाख 33 हजार 466

सोर्स- श्रम मंत्रालय 

 

 EPFO के पास PF जमा कराने वाली कंपनियों की संख्‍या 

- नवंबर से दिसंबर के बीच ईपीएफओ के एक्टिव मेंबर्स कम हुए, लेकिन इसमें अपने कर्मचारियों का पीएफ जमा कराने वाली कंपनियों की तादाद करीब 3,000 बढ़ी है।

- नवंबर 2017 में ईपीएफओ के पास 4 लाख 33 हजार 222 कंपनियों ने अपने कर्मचारियों का पीएफ जमा कराया। दिसंबर में यह आंकड़ा बढ़कर 4 लाख 46 हजार 193 हो गया। 

 

माह EPFO के पास PF जमा कराने वाली कंपनियां 
नवंबर 2017 4 लाख 33 हजार 222
दिसंबर 2017  4 लाख 46 हजार 193 
जनवरी 2018  4 लाख 46 हजार 193 

सोर्स- श्रम मंत्रालय 

 

मोदी ने किया था 70 लाख नौकरी का दावा 

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में 70 लाख लोगों को नौकरी मिलने का दावा किया था।

- उन्‍होंने कहा था, "एक साल में 18 से 25 साल की उम्र के बीच युवाओं के 70 लाख पीएफ अकाउंट खुले हैं। क्‍या यह नया रोजगार नहीं दिखाता है"। इसके लिए उन्‍होंने एक स्‍वतंत्र एजेंसी की स्‍टडी को भी कोट किया था। एजेंसी ने ईपीएफओ के डाटा के आधार पर यह स्‍टडी की है। 

 

मेंबर्स की संख्‍या घटने पर EPFO जता चुका चिंता 

- एक महीने में अपने मेंबर की तादाद 10 से 36  फीसदी तक घटने को लेकर  ईपीएफओ चिंता जता चुका है। यह गिरावट जुलाई से सितंबर के बीच अलग-अलग शहरों में आई थी।

- ईपीएफओ ने इस गिरावट को लेकर अपने रीजनल ऑफिसेज को भी सतर्क किया था। उनसे मेंबर्स की तादाद बढ़ाने के उपाय तलाशने को भी कहा गया था।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट