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3 स्मार्ट मूव से मैनेज करें PFअकाउंट, फैमिली को मिलेगा पूरा फायदा

बढ़ा सकते हैं अपना PF कंट्रीब्‍यूशन

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नई दिल्‍ली। आप प्राइवेट नौकरी करते हैं और आपका प्रॉविडेंट फंड अकाउंट है तो इसका सही तरीके से प्रबंधन करना जरूरी है। आपका PF रिटायरमेट फंड होता है जो रिटायरमेंट के बाद आपकी और आपके परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए है। PF पर हर साल गारंटीड रिटर्न मिलता है। मौजूदा समय में पीएफ पर सालाना 8.55 फीसदी ब्‍याज मिल रहा है। ऐसे में लंबी अवधि में PF अकाउंट में बड़ा अमाउंट इकठ्ठा हो जाता है। आप कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन EPFO के नियमों का फायदा उठा कर अपने PFका पैसा बढ़ा सकते हैं। इसके तहत 3 नियम ऐसे हैं जो आपका फंड बढ़ा सकते हैं। प्रॉविडेंट फंड आपके रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए होता है। यह आपके परिवार को भी सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराता है। 


 

बढ़ा सकते हैं अपना PF कंट्रीब्‍यूशन 

 

EPF एक्‍ट, 1952 के तहत पीएफ कवरेज में आने वाले हर कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी हिस्‍सा पीएफ में जाता है। इसके अलावा कंपनी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी हिस्‍सा कंट्रीब्‍यूट करती है। इसमें से 8.33 फीसदी कर्मचारी के पेंशन अकाउंट में जाता है ओर बाकी 3.67 फीसदी PF में जाता है। अगर आप चाहते हैं कि रिटायरमेंट के समय तक आपके पीएफ में ज्‍यादा पैसा इकठ्ठा हो तो आप पीएफ में अपना कंट्रीब्‍यूशन बढ़ा सकते हैं। इससे PF अकाउंट में आपका कंट्रीब्‍यूशन 12 फीसदी के बजाए 25 या 30 फीसदी हो सकता है। ऐसा आप वॉलेंट्री पीएफ ऑप्‍शन के तहत कर सकते हैं। इस ऑप्‍शन के तहत आप अपनी बेसिक सैलरी का 100 फीसदी तक पीएफ में कंट्रीब्‍यूशन बढ़ा सकते हैं। हालांकि कंपनी भी अपना कंट्रीब्‍यूशन बढ़ाएं यह जरूरी नहीं है। इस तरह से आपको रिटायरमेंट के समय पीएफ के तौर पर ज्‍यादा पैसा मिलेगा। 

 

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नौकरी बदलने पर ट्रांसफर कराएं पीएफ 

 

अगर आप आपने पीएफ का पैसा बढ़ाना चाहते हैं तो आप नौकरी बदलने पर पीएफ का पैसा निकालने की गलती न करें। अगर ऐसा करेंगे तो आप इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं कर पाएंगे। अगर आप पुराने पीएफ अकाउंट का पैसा निकाल लेंगे तो नई कंपनी में नया पीएफ अकाउंट खुलेगा। इस तरह से आपके नए अकाउंट में कंट्रीब्‍यूशन शुरू होगा। अगर आप नौकरी बदलने पर ऐसा करते रहेंगे तो आपका कंपाउंडिंग का बड़ा फायदा नहीं मिल पाएगा और लंबी अवधि में आपके पीएफ का पैसा तेजी से नहीं बढ़ पाएगा। वहीं अगर आप नौकरी बदलने पर पुराने अकाउंट को ट्रांसफर करा लेते हैं तो आपके पुराने अकाउंट में कंट्रीब्‍यूशन शुरू हो जाएगा। इस तरह से आपका पीएफ फंड भी बना रहेगा ओर आपको कंपाउंउिंग का फायदा भी मिलेगा।
 
उदाहरण के लिए आपने नौकरी बदली और आपके पीएफ अकाउंट में 5 लाख रुपए हैं तो पीएफ अकाउंट ट्रांसफर कराने पर आपका कंट्रीब्‍यूशन शुरू हो जाएगा। इस पर जो ब्‍याज मिलेगा, वह पूरे पीएफ अमाउंट पर मिलेगा। इससे पीएफ पर ब्‍याज के तौर पर ज्‍यादा पैसा मिलेगा। लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की पावर ऐसे ही काम करती है। आपके पीएफ अकाउंट में जितना ज्‍यादा पैसा बढ़ता जाएगा आपको कंपाउंडिंग का उतना ही ज्‍यादा फायदा मिलेगा। 

आंशिक विद्ड्रॉअल से बचें 

 

ईपीएफओ के मौजूदा नियमों के तहत आप घर खरीदने, बच्‍चो की शादी या एजुकेशन, और मेडिकल जरूरतों के लिए पीएफ अकाउंट से पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन अगर आप अपने पीएफ का पैसा बढ़ाना चाहते हैं तो आपको पीएफ अकाउंट से पैसा निकालने से बचना चाहिए। अगर संभव है तो आप लोन लेकर भी इन जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। 
आजकल पर्सनल लोन या होम लोन या एजुकेशन लोन आसानी से मिल जाता है। अगर आपने पीएफ का पैसा निकाला तो आप के लिए इसकी भरपाई करना मुश्किल हो जाएगा। ओर आपको रिटायरमेंट के बाद की अपनी जरूरतों को पूरा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। 

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