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31 मार्च तक मिल जाएगी स्विस बैंकों में जमा पैसों की डिटेल, ब्‍लैक मनी हुई तो करेंगे कड़ी कार्रवाई : गोयल

भारत और स्विटजरलैंड सरकार के बीच समझौतेे के मुताबिक दोनों देश जमा पैसों का डाटा शेयर करेंगे

Interim Finance Minister Piyush goyal spoke about black money

नई दिल्‍ली. वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 31 मार्च 2019 से पहले भारत सरकार स्विस बैकों में जमा ब्‍लैक मनी का पूरा डाटा हासिल कर लेगी। भारत और स्विटजरलैंड सरकार के बीच समझौता हुआ है, जिसके मुताबिक 1 जनवरी 2018 से 31 मार्च 2019 के बीच स्विटजरलैंड सरकार को डाटा शेयर करना है। 


स्विस सरकार से हुआ है समझौता 
स्विस नेशनल बैंक द्वारा एक दिन पहले ही जारी रिपोर्ट में कहा है कि साल 2017 में स्विस बैंकों में भारतीयों की ओर से 7000 करोड़ रुपए जमा कराए गए, जो पिछले साल की तुलना में 50 फीसदी अधिक है। शुक्रवार को इस रिपोर्ट के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि पिछले साल नवंबर में दोनों सरकारों के बीच समझौता किया गया था, जिसके मुताबिक दोनों देश 2018 में ग्‍लोबल स्‍टैंडर्ड के अनुसार डाटा इकट्ठा करेंगे और 2019 में इसका आदान-प्रदान करेंगे। 

 

मानना सही नहीं कि पैसा अवैध है 
गोयल ने कहा कि अगर यह पाया गया कि स्विस बैंक में अवैध तरीके से पैसा जमा कराया गया है तो दोषी पाए जाने वाले व्‍यक्ति के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्‍होंने कहा कि अभी यह मान लेना कि स्विस बैंकों में जमा पैसा ब्‍लैक मनी है, सही नहीं होगा। इसकी पूरी जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। 

 


क्‍या थी रिपोर्ट  
स्विट्जरलैंड की केंद्रीय बैंकिंग अथॉरिटी स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) ने गुरुवार को जारी रिपोर्ट में कहा था कि भारतीयों द्वारा स्विस बैंकों में जमा धन वर्ष 2017 में 50 फीसदी बढ़कर  1.01 अरब सीएचएफ यानी स्विस फ्रैंक (7 हजार करोड़ रुपए) हो गया है। डाटा के मुताबिक, इसकी तुलना में सभी विदेशी क्लाइंट्स द्वारा वर्ष 2017 में स्विस बैंकों में रखा गया कुल पैसा लगभग 3 फीसदी बढ़कर 1.46 लाख करोड़ सीएचएफ या 100 लाख करोड़ रुपए हो गया।

 

स्विट्जरलैंड में जमा रकम  का आंकड़ा इसलिए भी हैरत में डालता है, क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली भारत सरकार द्वारा संदिग्ध ब्लैकमनी की सख्ती के क्रम में लगातार तीन साल की गिरावट के बाद यह बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। हालांकि, वर्ष 2006 के अंत में भारतीयों द्वारा जमा फंड 650 करोड़ स्विस फ्रैंक (23,000 करोड़ रुपए) के अपने रिकॉर्ड हाई पर था।

 

इस तरह से जमा किया पैसा
एसएनबी के डाटा के मुताबिक, वर्ष 2017 में भारतीयों द्वारा प्रत्यक्ष तौर पर रखा गया पैसा 99.9 करोड़ डॉलर (6891 करोड़ रुपए) के स्तर पर था, जबकि अपने करीबियों और वेल्थ मैनेजर्स के माध्यम से रखा गया फंड 1.62 करोड़ स्विस फ्रैंक (112 करोड़ रुपए) था। ये आंकड़े 2016 के अंत तक क्रमशः 66.48 करोड़ स्विस फ्रैंक और 1.1 करोड़ फ्रैंक थे।

 

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2017 के अंत तक स्विस बैंकों में जमा भारतीय पैसा 46.4 करोड़ स्विस फ्रैंक (3200 करोड़ रुपए) कस्टमर डिपॉजिट, 15.2 करोड़ स्विस फ्रैंक (1050 करोड़ रुपए) अन्य बैंकों के माध्यम से और 38.3 करोड़ स्विस फ्रैंक (2640 करोड़ रुपए) सिक्युरिटीज जैसी ‘अन्य लायबिल्टीज’ के रूप में था। एसएनबी के डाटा से पता चलता है कि बीते साल आई गिरावट की तुलना में इन तीनों मदों में जमा फंड ज्यादा तेजी से बढ़ा है।

 

 

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