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सरकार के लि‍ए अच्‍छी खबर, तय दायरे में ही रहा वित्तीय घाटा

सरकार ने वि‍त्‍त वर्ष 2017-18 के लिए जो वित्तीय घाटे का लक्ष्‍य रखा था वह तय दायरे में ही रहा है।

सरकार के लि‍ए अच्‍छी खबर, तय दायरे में ही रहा वित्तीय घाटा
नई दि‍ल्‍ली. सरकार ने वि‍त्‍त वर्ष 2017-18 के लिए जो वित्तीय घाटे का लक्ष्‍य रखा था वह तय दायरे में ही रहा है। सरकार ने वि‍त्‍त वर्ष 2017-18 के लि‍ए जीडीपी का 3.53 फीसदी वि‍त्‍तीय घाटे का अनुमान लगाया गया था। वहीं, सीजीए (कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स) की ओर से जारी डाटा के मुताबिक राजस्व घाटा जीडीपी का 2.65 फीसदी रहा। 
 
आंकड़ों की बात की जाए तो वि‍त्‍त वर्ष 2017-18 में देश का फि‍स्‍कल डेफि‍सि‍ट 5.91 लाख करोड़ रहा, जो कि‍ सरकार की ओर से तय कि‍ए गए लक्ष्‍य का 99.5 फीसदी है। फरवरी में बजट पेश करने के दौरान सरकार की ओर से वि‍त्‍तीय घाटे के टारगेट (जो कि‍ 3.5 फीसद था) को रि‍वाइज कर 3. फीसदी कर दि‍‍‍‍या गया था।  
 
2018-19 के दौरान सरकार की ओर से राजकोषीय घाटे को कम करने के लि‍ए कुल व्‍‍‍‍यय और कुल राजस्व के बीच का अंतर जीडीपी का 3.3 फीसदी रखा गया है। 
 
सीजीए की ओर से गुरुवार को जारी कि‍ए गए डाटा में कहा गया है कि‍ सरकार ने 21,42,667 करोड़ रुपए खर्च कि‍ए। इसमें से 96.6 फीसदी प्‍लान के हि‍‍‍‍‍साब से खर्च हए। वहीं, कुल आय की बात करें तो यह 15,51,004 करोड़ रुपए रही, जो कि‍ अनुमान का 95.6 फीसदी थी। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष के दौरान वि‍त्‍तीय घाटा 4.43 लाख करोड़ रुपये था जो कि‍ बजट में लगाए गए अनुमान का 101 फीसदी था।  

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