बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyअब 20 हजार करोड़ ही अतिरिक्‍त कर्ज लेगी सरकार, पहले 50 हजार करोड़ का था प्‍लान

अब 20 हजार करोड़ ही अतिरिक्‍त कर्ज लेगी सरकार, पहले 50 हजार करोड़ का था प्‍लान

सरकार ने बुधवार को मौजूदा वित्‍त वर्ष के लिए अतिरिक्‍त कर्ज जरूरत को घटाकर 20,000 करोड़ रुपए कर दिया।

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नई दिल्‍ली. सरकार ने बुधवार को मौजूदा वित्‍त वर्ष के लिए अतिरिक्‍त कर्ज जरूरत को घटाकर 20,000 करोड़ रुपए कर दिया। इससे पहले इस जरूरत के 50,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान जताया गया था। यह जानकारी इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने ट्वीट के जरिए दी। 

 

उन्‍होंने लिखा कि सरकार ने रेवेन्‍यू रेसिप्‍टस और खर्च पैटर्न को को ध्‍यान में रखते हुए अतिरिक्‍त कर्ज जरूरत का फिर से आकलन किया है। इसके बाद इस अनुमान को घटाकर 20,000 करोड़ रुपए कर दिया गया। इस घटे कर्ज से सरकार को वित्तीय घाटा, तय लक्ष्‍य के अंदर रखने में मदद मिलेगी। हालांकि सरकार ने नेट कर्ज को लेकर अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है। 

 

बजट में कितनी बॉरोइंग की थी निर्धारित 

सरकार ने 2017-18 में ग्रॉस और नेट मार्केट बॉरोइंग क्रमश: 5.8 लाख करोड़ रुपए और 4.23 लाख करोड़ रुपए निर्धारित की थी। 2017-18 बजट के दौरान मौजूदा वित्‍त वर्ष में डेटेड सिक्‍योरिटीज के जरिए 43,000 करोड़ रुपए का कर्ज लेने का अनुमान जताया था। पिछले माह आरबीआई से विचार-विमर्श करने के बाद सरकार ने कहा था कि वह इस वित्‍त वर्ष डेटेड सिक्‍योरिटीज के माध्‍यम से 50,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्‍त कर्ज लेगी। 

 

कम रेवेन्‍यू से वित्‍तीय घाटा लक्ष्‍य पर सरकार चिंतित 

जीएसटी से रेवेन्‍यू कलेक्‍शन में गिरावट और कम नॉन-टैक्‍स रेवेन्‍यू ने वित्‍तीय घाटा लक्ष्‍य को लेकर सरकार की चिंता बढ़ा दी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2017 में वित्‍तीय घाटा लक्ष्‍य बजट में निर्धारित लक्ष्‍य से 112 फीसदी ज्‍यादा हो गया।

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