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कॉफी की खेती करना हो जाएगा आसान, मोबाइल ऐप से मिलेगी हर जानकारी

सरकार ने लॉन्‍च की दो मोबाइल ऐप, ड्रोन का भी होगा यूज

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नई दिल्ली. कॉफी बोर्ड ने मंगलवार को दो मोबाइल ऐप लॉन्‍च किए। इन ऐप के माध्‍यम से कॉफी की खेती करने वाले किसानों की इनकम बढ़ाने व उन्‍हें हर तरह की सुविधाएं प्रदान की जाएगी। कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री मिनिस्‍टर सुरेश प्रभु ने ये मोबाइल ऐप लॉन्‍च किए। उन्‍होंने कहा कि इन ऐप के जरिए कॉफी खेती करना आसान हो जाएगा और कॉफी किसानों को सीधे-सीधे फायदा पहुंचेगा।


 

यह है कॉफी कनेक्‍ट

लॉन्च किए गए ऐप का नाम है ‘कॉफी कनेक्ट’, जिसे कॉफी बोर्ड ने नेशनल इन्सटीट्यूट फॉर स्मार्ट गवर्नमेन्ट के सहयोग विकसित किया है। यह ऐप्लीकेशन डिजिटल तकनीकों जैसे जियो-टैगिंग के माध्यम से क्षेत्र कार्यकर्ताओं को हर ज़रूरी जानकारी प्रदान करेगा। उन्हें पौधों, फसल, लोकेशन, उत्पादन, आधुनिक मशीनरी एवं तकनीकों के बारे में हर जानकारी उपलब्ध कराएगा। इस तरह यह समाधान क्षेत्र कार्यकर्ताओं की दक्षता में सुधार लाकर उनकी गतिविधियों में पारदर्शिता लाएगा तथा सब्सिडी वितरण एवं रियल टाईम रिपोर्ट जनरेशन को आसान बनाएगा।


 

कॉफी कृषि थरंगा ऐप

एक और ऐप है कॉफी कृषि थरंगा, यह आईवीआर आधारित डिजिटल मोबाइल एक्सटेंशन सर्विस है जो सीमित समय में बोर्ड की सेवाओं की अधिकतम पहुंच को सुनिश्चित करेगा। इसका विकास कॉफी बोर्ड एवं प्रेसीज़न एग्रीकल्चर फॉर डेवलपमेन्ट इण्डिया फाउन्डेशन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। कॉफी कृषि थरंगा सेवाएं अनुकूलित जानकारी उपलब्ध कराकर उत्पादकता, मुनाफ़ा बढ़ाने में मदद करेंगी और पर्यावरण स्थायित्व में योगदान देंगी। ये दो प्रकार की कस्टमाइज़्ड सेवाएं सर्विस उपलब्ध कराती हैं।


आगे पढ़ें : किसको होगा फायदा

 

 

ड्रोन से रख सकेंगे नजर

इस मौके पर कृषि में ड्रोन तकनीकके इस्तेमाल का प्रदर्शन किया गया। माननीय वाणिज्य मंत्री ने स्प्रेइंग ऑपरेशन का लॉन्च किया। कॉफी बोर्ड, क्विडिच इनोवेशन लैब एवं स्टार्क ड्रोन्स के सहयोग से कॉफी की खेती में सुधार लाने के यथासंभव हर प्रयास कर रहा है। ड्रोन तकनीक के द्वारा किसान कीटों और बीमारियों की पहचान कर सकते हैं और समय रहते ज़रूरी रसायनों, कीटनाशकों एवं पोषकों के इस्तेमाल द्वारा अपनी फसल को खराब होने से बचा सकते हैं। ड्रोन के ज़रिए दूर बैठे भी फसल की जांच की सकती है। कॉफी बोर्ड आधुनिक तकनीकों पर काम कर रहा है और हम कॉफी किसानों के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी ऐप्लीकेशन्स का लाईव प्रदर्शन करेंगे।

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