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गोवा और शिमला को भूल जाइए, नए साल पर कम बजट में वेकेशन के लिए जा सकते हैं यहां

नए साल का स्वागत के लिए इन स्थानों पर लाखों की संख्या में पहुंचतेे हैं टूरिस्ट

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नई दिल्ली। 

 

नए साल का हर किसी काे बेसब्री से इंतजार रहता है। नए साल का स्वागत करने के लिए जहां अधिकतर लोग गोवा, मनाली, शिमला जैसे जगहों पर जाते हैं वहीं लाखों की संख्या में टूरिस्ट धार्मिक स्थल पहुंचते है। अगर आप भी नए साल का स्वागत किसी धार्मिक स्थल पर जाकर करना चाहते हैं तो हम आपको भारत के 3 बेस्ट स्थानों के बारे में बता रहे हैं जहां नए साल पर लाखों की तादात में लोग पहुंचते हैं। जानिए यहां कैसे जाएं और कितना आएगा खर्च।

 

कन्याकुमारी

तमिलनाडु के शांत और खूबसूरत शहर कन्याकुमारी को केप कोमोरन के नाम से जाना जाता था। शहर का नाम देवी कन्या कुमारी के नाम पर पड़ा है, जिन्हें भगवान कृष्ण की बहन माना गया है। यह जगह चोला, चेरा, पण्ड्या और नायका राज्यों का घर रही है। कला और धर्म-संस्कृति का पुराना गढ़ है।

सबसे खास बात है जो इसे दूसरे पर्यटन स्थलों से अलग बनाती है वो है यहां का सबसे खूबसूरत दिखने वाला सूर्योदय और सूर्यास्त। सुबह हर होटल की छत पर पर्यटकों की भारी भीड़ सूरज की अगवानी के लिए जमा हो जाती है। शाम को अरब सागर में डूबते सूरज को देखना भी यादगार होता है।

फैमिली के साथ क्रिसमस और न्यू ईयर की छुटिट्यों को एंज्वॉय करने का प्लान बना रहे हैं तो कन्याकुमारी बेहतरीन लोकेशन है। 

 

कैसे पहुंचे : कन्याकुमारी पहुंचने का नजदीकी हवाई अड्डा लगभग 100 किमी की दूरी पर स्थित 'त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा' है. रेलमार्ग के लिए आप कन्याकुमारी रेलवे स्टेशन पर पहुंच सकते हैं।

 

बजट : यहां जाने के लिए आपको प्रति व्यक्ति 8 से 10 हजार रुपए चुकाने होंगे।

 

कोलकाता का दक्षिणेश्वर काली मंदिर

 

मां काली का निवास माना जाता है कोलकाता, यहां पूरे विश्व से टूरिस्ट आते हैं। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुख्य रूप से मां काली की आराधना की जाती है। 

हुगली नदी के तट पर बसा यह काली मंदिर माता के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। कहते हैं इस जगह पर माता सती के दायें पैर की चार उंगलियां गिरी थीं। दक्षिणेश्वर काली मंदिर को काली का दिव्य धाम भी कहा जाता है। कलियुग में भक्तों के लिए यह जगह किसी सिद्ध स्थान से कम नहीं है। दक्षिणेश्वर काली मंदिर की गणना न सिर्फ बंगाल बल्कि पूरे भारत के महानतम देवी तीर्थों में की जाती है।

 

कैसे पहुंचे : नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट और हावड़ा और सियालदह रेलवे स्टेशन पर पहुंच कर यहां जाएं। हावड़ा और सियालदह रेलवे स्टेशन से इस मंदिर की दूर महज आधे घंटे की है। वहीं एयरपोर्ट से एक घंटे लगेंगे।

 

बजट : यहां जाने के लिए आपको प्रति व्यक्ति 5000 रुपए खर्च चुकाने होंगे।

 

 

 

शिरडी जाएं

 

शिरडी के साईं की प्रसिद्धि दूर- दूर तक है और यह पवित्र धार्मिक स्थल महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है। यह साईं की धरती है जहां साईं ने अपने चमत्कारों से लोगों को विस्मृत किया। शिरडी में साईं कहां से प्रकट हुए यह कोई नहीं जानता। आज के समय में शिरडी एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। नए साल पर शिरडी घूमने वालों की संख्या अधिक होती है।

 

कैसे पहुंचे :

 

शिरडी नासिक के पास है। शिरडी फ्लाइट, ट्रेन, वॉल्वो बस या अपनी या किराए की कार से जाया जा सकता है। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद से शिरडी जाने के लिए फ्लाइट के ऑप्शन हैं। इसके अलावा शिरडी ट्रेन से भी पहुंचा जा सकता हैं। नजदीकी रेलवे स्टेशन मनमाड है। वहीं शिरडी मुंबई, पुणे, नासिक या आसापास की जगहों से वोल्वो से भी पहुंचा जा सकता है।

 

बजट : यहां जाने के लिए आपको प्रति व्यक्ति 5-6 हजार रुपए खर्च होंगे।

 

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