दिसंबर तिमाही में 7.2% रही भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट, चीन को पीछे छोड़ा

वित्‍त वर्ष 2017-18 में GDP ग्रोथ रेट 6.6 फीसदी रहने का अनुमान है। - फाइल वित्‍त वर्ष 2017-18 में GDP ग्रोथ रेट 6.6 फीसदी रहने का अनुमान है। - फाइल
PNB में करीब 11400 करोड़ रुपए के फ्रॉड पर आलोचना झेल रहे पीएम मोदी के लिए यह आंकड़ा राहत देने वाला है। - सिम्‍बॉलिक PNB में करीब 11400 करोड़ रुपए के फ्रॉड पर आलोचना झेल रहे पीएम मोदी के लिए यह आंकड़ा राहत देने वाला है। - सिम्‍बॉलिक

विनिर्माण और कृषि क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद चालू फाइनेंशियल ईयर की तीसरे क्वार्टर में देश सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की ग्रोथ रेट बढ़ कर 7.2% रही है। इससे 2017-18 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.6% रहने का अनुमान है। इससे पहले दूसरे क्वार्टर में जीडीपी दर 6.5% रही थी।

moneybhaskar

Feb 28,2018 09:28:00 PM IST

नई दिल्‍ली. विनिर्माण और कृषि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन की वजह से मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के तीसरे क्वार्टर में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़कर 7.2% रही है। जीडीपी ग्रोथ रेट में मामले में चीन को पीछे छोड़कर भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बन गई है। दिसंबर तिमाही में चीन की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.8% रही थी।

दूसरे क्वार्टर में 6.5% थी जीडीपी रेट

- सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी रहने से 2017-18 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.6% रहने का अनुमान है। इससे पहले दूसरे क्वार्टर में जीडीपी दर 6.5% थी।

इकोनॉमी में मिल रहे हैं बेहतर संकेत

- अक्‍टूबर दिसंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़ कर 7.2% रहने का मतलब है कि इकोनॉमी में रिकवरी का प्रॉसेस मजबूत हो रही है। आने वाले वक्त में इकोनॉमी की रफ्तार और तेज हो सकती है। हाल में रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा था कि इकोनॉमी में रिकवरी अभी शुरुआत स्‍टेज में है और हमें अभी इसे लेकर सतर्क रहना होगा।

कृषि क्षेत्र में अच्‍छा प्रदर्शन
-तीसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र ने अच्‍छा प्रदर्शन किया है। जीवीए आधारित यह ग्रोथ 4.1 फीसदी रही जो दूसरी तिमाही में 2.7 फीसदी थी।

विनिर्माण सेक्‍टर में दर्ज हुई बढ़त
-विनिर्माण क्षेत्र में तीसरी तिमाही में शानदार बढ़ज दर्ज हुई है। यह बढ़कर 6.8 फीसदी हो गई, जो कि दूसरी तिमाही में 2.8 फीसदी पर थी। वहीं सर्विस सेक्‍टर जिसमें वित्‍तीय सेवा क्षेत्र भी शामिल है, उसमें यह ग्रोथ 6.7 फीसदी रही जो पिछले तिमाही में 6.4 फीसदी पर थी।

मूडीज ने कहा था- निगेटिव असर खत्म हो रहा है

- इससे पहले रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा था कि नोटबंदी और जीएसटी का इंडियन इकोनॉमी पर निगेटिव असर खत्‍म हो रहा है। इसमें सॉफ्ट ग्रोथ से रिकवरी शुरू हो गई है। नवंबर 2016 में सरकार ने नोटबंदी का एलान किया था। 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे। इसका शॉर्ट टर्म में इकोनॉमी पर निगेटिव असर हुआ। वहीं, 1 जुलाई 2017 से लागू जीएसटी ने भी दिक्‍कतें पैदा कीं। हालांकि, अब इकोनॉमी इनके असर से उबर कर रिकवरी के रास्‍ते पर है।

रूरल इकोनॉमी को स्‍टेबल करने की कोशिश

- मूडीज का कहना है कि बजट 2018 में सरकार की तरफ से रूरल इकोनॉमी को स्थिर करने के लिए कई कदम उठाए गए जिनका नोटबंदी की पॉलिसी का तगड़ा असर हुआ था। इसके अलावा सरकार की ओर से बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ को मदद पहुंचाने के लिए बैंक रिकैपिटलाइजेशन का एलान का असर भी इकोनॉमी पर पॉजिटिव होगा। इससे जीडीपी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

मूडीज ने 13 साल बाद बढ़ाई थी भारत की रेटिंग

- ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने पिछले साल नवंबर में करीब 13 साल बाद भारत की रेटिंग Baa3 से बढ़ाकर Baa2 कर दी थी। । इससे पहले मूडीज ने 2004 में भारत की रेटिंग अपग्रेड की थी। हालांकि , कुछ अनिश्चितताओं के चलते आउटलुक को पॉजिटिव से बदलकर स्टेबल कर रखा है। 2015 में मूडीज ने भारत के इकोनॉमिक आउटलुक को पॉजि‍टिव से स्‍टेबल किया था।

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वित्‍त वर्ष 2017-18 में GDP ग्रोथ रेट 6.6 फीसदी रहने का अनुमान है। - फाइलवित्‍त वर्ष 2017-18 में GDP ग्रोथ रेट 6.6 फीसदी रहने का अनुमान है। - फाइल
PNB में करीब 11400 करोड़ रुपए के फ्रॉड पर आलोचना झेल रहे पीएम मोदी के लिए यह आंकड़ा राहत देने वाला है। - सिम्‍बॉलिकPNB में करीब 11400 करोड़ रुपए के फ्रॉड पर आलोचना झेल रहे पीएम मोदी के लिए यह आंकड़ा राहत देने वाला है। - सिम्‍बॉलिक
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