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सरकार ने बताया-PSU बैंकों के हर चौथे ATM पर हो सकता है फ्रॉड, रहें अलर्ट

देश में लगे हैं PSU बैंकों के 89 फीसदी ATM, सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं किए गए

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नई दिल्‍ली. सरकार ने माना है कि सरकारी बैंकों के एटीएम में फ्रॉड की संभावना अधिक है। लगभग 25 फीसदी ATM ऐसे हैं, जिनमें आसानी से फ्रॉड हो सकता है। संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि लगभग 74 फीसदी कैश डिस्‍पेंसर्स में लगे साफ्टवेयर आउटडेट हो चुके हैं। दिलचस्‍प बात यह है कि देश भर में लगे कुल एटीएम में से 89 फीसदी सरकारी बैंकों के हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि लोगों को एटीएम से पैसा निकालते वक्‍त सतर्कता बरतनी चाहिए। 

 

1 साल में 25 हजार शिकायतें 

शुक्रवार को संसद में दिए गए अपने जवाब में सरकार ने कहा कि सरकारी बैंकों के एटीएम में जो सॉफ्टवेयर चल रहे हैं, वे या तो आउटडेटेड हैं या अनसपोर्टेड। इन एटीएम में बेसिक सिक्‍योरिटी फीचर न होने के कारण फ्रॉड की पूरी आशंका रहती है। सरकार के मुताबिक जुलाई 2017 से लेकर जून 2018 के दौरान बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) के पास डेबिट और क्रेडिट कार्ड से संबंधित 25 हजार शिकायतें पहुंची।

 

RBI ने जारी की थी एडवाइजरी 
पिछले कुछ महीनों से एटीएम में बढ़ते फ्रॉड को देखते हुए रिजर्व बैंक ने  एक एडवाइजरी जारी कर कहा था कि सभी बैंक अपने एटीएम पर अपडेटेड सॉफ्टवेयर इंस्‍टॉल करें। इस पर सरकारी बैंकों में अभी काम शुरू नही हुआ है। 

 

प्राइवेट बैकों का डाटा नहीं 
संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने सरकारी बैंकों के एटीएम की जानकारी तो दी है, लेकिन प्राइवेट बैंकों के एटीएम में हुए फ्रॉड की जानकारी नहीं दी गई।

 

सरकारी बैंकों की हिस्‍सेदारी ज्‍यादा
सरकार के मुताबिक, देश भर में लगे एटीएम में सबसे अधिक हिस्‍सेदारी सरकारी बैंकों की है। कुल एटीएम के मुकाबले 89 फीसदी सरकारी बैंकों द्वारा संचालित हैं। पिछले कुछ सालों से लगातार प्राइवेट बैंकों की हिस्‍सेदारी बढ़ रही है, बावजूद इसके अभी भी देश के बिजनेस ( जमा और उधारी) में सरकारी बैंकों की हिस्‍सेदारी 70 फीसदी से अधिक है। 

 

आगे पढ़ें - किन बातों का रखें ख्‍याल 

ये बरतें सावधानी 
- एटीएम का इस्‍तेमाल करते वक्‍त यह देख लें कि बटन या स्वाइप की जगह पर कोई उपकरण तो नहीं जुड़ा है। 
- खाता बंद होने जैसी कॉल पर ओटीपी या बैंकिंग जानकारी न दें। 
- एटीएम पिन से लेनदेन स्वयं करें किसी अन्य के जरिये नहीं करें। 
- डेबिट-क्रेडिट कार्ड के पासवर्ड बदलते रहें.
- बैंक की एसएमएस और ईमेल अलर्ट सेवा जरूर लें।
- एटीएम मशीन छोड़ने से पहले बैलेंस को चेक कर लें और उसे याद रखें। अगली बार जब ट्रांजैक्शन करने जाएं तो पहले बैलेंस इन्क्वायरी करें और उसके बाद कुछ करें।
- अगर आपके खाते में कोई गड़बड़ी होती है तो एटीएम की रसीद आपके लिए सबूत का काम करेगी। अपने ऑनलाइन अकाउंट में अपने ट्रांजैक्शन का मिलान करते रहें।
- जब आपका कार्ड मशीन में फंस जाए और कोई मदद के लिए आगे आए तो उससे सावधान रहें। साथ ही, तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और घटना की जानकारी दें।
 

आगे पढ़ें : यह भी रखें ख्‍याल 

इन बातों का भी रखें ख्‍याल 

 

- अगर आपको अपने खाते में किसी तरह की कमी या अवैध गतिविधि का शक हो तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें।
- कार्ड स्लॉट मजबूती के साथ वास्तविक एटीएम मशीन से जुड़े होने चाहिए और आसानी से अलग नहीं किया जा सके या आसानी से कहीं और ले जाने लायक न हो और इसके तार निकले हुए न दिख रहे हों। ज्यादातर बैंकों ने एटीएम कार्ड स्लॉट में हरी एलईडी फ्लैश वाली लाइट लगा दिया है ताकि यह पता चल सके कि यह बैंक के जरिये इंस्टॉल कार्ड रीडर है। इसे देखें और अगर कोई शक हो तो वहां एटीएम का इस्तेमाल न करें।

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