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प्राइवेट नौकरी में चाहते हैं पेंशन की गारंटी तो याद रखें 10 साल का नियम

पेंशन फंड में जमा होता है इम्‍पलॉयर कंट्रीब्‍यूशन का एक हिस्‍सा

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नई दिल्‍ली. अगर आप प्राइवेट सेक्‍टर में नौकरी करते हैं तब भी सरकार आपको पेंशन की गारंटी देती है। इसके लिए जरूरी है कि आप की कंपनी में कम से कम 20 कर्मचारी काम करते हों। अगर आपकी कंपनी में 20 या इससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं तो आपको इम्‍प्लॉइज पेंशन स्‍कीम, 95 के तहत कवर किया जाएगा। एक बार आप इस स्‍कीम में कवर हो गए तो लगातार 10 साल की सर्विस के बाद आप पेंशन के हकदार हो जाएंगे। 

 

पेंशन फंड में जमा होता है इम्‍प्लॉयर कंट्रीब्‍यूशन का एक हिस्‍सा 
कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को इम्‍प्लॉइज पेंशन स्‍कीम के तहत पेंशन की सुविधा मुहैया कराता है। ईपीएफ एक्‍ट, 1952 के तहत कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी कंट्रीब्‍यूशन उसके पीएफ अकाउंट में जाता है। जबकि इम्‍प्लॉयर के 12 फीसदी कंट्रीब्‍यूशन का 8.33 फीसदी पेंशन फंड में जाता है। इसके अलावा केंद्र सरकार भी कर्मचारी के पेंशन फंड में बेसिक सैलरी का 1.16 फीसदी कंट्रीब्‍यूट करती है। 

 

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10 साल की सर्विस पूरी होने पर मिलता है पेंशन का हक 
 इम्‍प्लॉइज पेंशन स्‍कीम में आने वाला कर्मचारी जब लगातार 10 साल तक सर्विस पूरी कर लेता है तो वह स्‍कीम के तहत आजीवन पेंशन पाने का हकदार हो जाता है। इस बीच कर्मचारी अगर नौकरी बदलता है और पेंशन फंड में कंट्रीब्‍यूशन जारी रहता है तो उसकी सर्विस में कोई व्‍यवधान नहीं माना जाएगा। लेकिन अगर कर्मचारी ने पीएफ और पेंशन फंड से 10 साल पूरा होने से पहले फुल विद्ड्रॉअल कर लिया तो उसे पेंशन नहीं मिलेगी।

50 साल की उम्र में भी मिल सकती है पेंशन 

इम्‍प्लॉइज पेंशन स्‍कीम के तहत कर्मचारी को 58 साल की उम्र में नौकरी से रिटायर होने पर पेंशन मिलती है। लेकिन कर्मचारी की उम्र 50 साल हो गई है और कर्मचारी कहीं नौकरी नहीं कर रहा है तो वह 50 साल की उम्र में भी पेंशन ले सकता है। यह पेंशन उसको जिंदगी भर मिलेगी। 

 

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फैमिली पेंशन का भी है प्रावधान 

कर्मचारी की मौत के बाद उसकी पत्‍नी को घटी हुई पेंशन मिलती है। यहां तक कि कर्मचारी के दो बच्‍चे भी 25 साल की उम्र तक पेंशन पा सकते हैं। इसे फैमिली पेंशन कहा जाता है। फैमिली पेंशन के लिए न्‍यूनतम समय तक सर्विस का नियम नहीं है। अगर कर्मचारी की शादी नहीं हुई है तो उसकी मौत होने पर नॉमिनी को आजीवन पेंशन मिलेगी।

कर्मचारी की मौत के बाद उसकी पत्‍नी को घटी हुई पेंशन मिलती है। यहां तक कि कर्मचारी के दो बच्‍चे भी 25 साल की उम्र तक पेंशन पा सकते हैं। इसे फैमिली पेंशन कहा जाता है। फैमिली पेंशन के लिए न्‍यूनतम समय तक सर्विस का नियम नहीं है। अगर कर्मचारी की शादी नहीं हुई है तो उसकी मौत होने पर नॉमिनी को आजीवन पेंशन मिलेगी।

 

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