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11 साल से सरकारी विभाग नहीं जमा कर रहे पेनल्‍टी, सीआईसी ने दी RTI Act के तहत एक्‍शन की चेतावनी

केंद्र सरकार के विभाग ही सूचना अधिकार अधिनियम को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

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नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार के विभाग ही सूचना अधिकार अधिनियम को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। केंद्र सरकार के विभागों में काम करने वाले सेंट्रल पब्किल इन्‍फार्मेशन ऑफिसर्स ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत आवदेक को समय से सूचना न देने पर लगाई जाने वाली पेनल्‍टी बार बार अनुरोध और रिमाइंडर के बाद भी सरकार के पास नहीं जमा कराया है।

पेनल्‍टी न जमा कराए जाने के मामले 2006 से 2017 के हैं। सेंट्रल इन्‍फार्मेशन कमीशन ने केंद्र सरकार के तमाम उपक्रमों और विभागों को पत्र लिख कर पेनल्‍टी जमा कराने को कहा है। ऐसा न होने पर सीईसी ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। 

 

पेनल्‍टी की राशि जमा कराने के लिए सीईसी ले लिखा पत्र 

 

सीईसी ने सरकार के तमाम विभागों और उपकमों में काम कर रहे सीपीआईओ को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि 2006 से 2017 के बीच के ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें लगाई गई पेनल्‍टी की राशि बार बार रिमाइंडर के बाद भी अब तक जमा नहीं कराई गई है। कई सरकारी विभागों ओर उपकम्रों की ओर से कहा गया है कि संबंधित सीपीआईओ या तो रिटायर हो गए हैं या दूसरे विभाग में चले गए हैं। इसके अलावा कई सीपीआईओ की मौत हो चुकी है। ऐसे में इन विभागों ने संबंधित सीपीआईओ से पेनल्‍टी की राशि रिकवर करने में असमर्थता जताई है। यह संबंधित पब्लिक अथॉरिटीज का ढीला रवैया दिखाता है जिसकी वजह से पेनल्‍टी की राशि को अब तक रिकवर नहीं किया जा सका है। ऐसा सेंट्रल इन्‍फार्मेश कमीशन के आदेश के बावजूद हुआ है। 

पेनल्‍टी की रकम रिकवर न होने पर पब्लिक अथॉरिटीज के खिलाफ एक्‍शन की चेतावनी 

 

सीईसी द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि सभी पब्लिक अथॉरिटीज यह सुनिश्चित करें कि सीईसी द्वारा लगाई गई पेनल्‍टी की राशि संबंधित सीपीआईओ ओर एपीआईओ से उनके रिटायर होने या दूसरे विभाग में जाने से पहले रिकवर की जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो संबंधित पब्लिक अथॉरिटीज के खिलाफ आरटीआई एक्‍ट, 2005 के तहत एक्‍शन लिया जाएगा। 

 

सूचना देने में देरी पर सीईसी लगाता है पेनल्‍टी 

 

आरटीआई एक्‍ट, 2005 के तहत सूचना न देने या सूचना देने में देरी करने पर सीईसी संबंधित सीपीआईओ के खिलाफ रोजाना 250 रुपए की पेनल्‍टी लगाता है। यह पेनल्‍टी अधिकतम 25000 रुपए तक हो सकती है। सीपीईओ को पेनल्‍टी की यह रकम सीईसी के पास जमा करानी होती है। 

 

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सरकार के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए लागू किया गया था आरटीआई एक्‍ट 

 

केंद्र सरकार के काम काज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए आरटीआई एक्‍ट, 2005 लागू किया गया था। इस एक्‍ट के तहत कोई भी नागरिक सरकारी काम काज के बारे में जानकारी मांग सकता है। एक्‍ट के तहत नागरिक को तय समय के अंदर जानकारी देना जरूरी है। इस एक्‍ट की वजह से लोगों में बड़े पैमाने पर जागरुकता आई है और लोग बड़े पैमाने पर सरकार के काम काज से जुड़ी जानकारी मांगते हैं। 

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