आर्थिक अपराध कर विदेश भागने वाले आरोपियों के लिए बनेगा कानून, कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्‍ली। कैबिनेट ने फ्यूगिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स बिल को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद आर्थिक अपराध कर विदेश भागने वाले आरोपियों के खिलाफ कानून बनाना है। प्रस्तावित कानून में विदेश भागे लोगों की संपत्तियां जब्त करने और उन्हें फटाफट बेचने को आसान बनाया जा सकता है साथ ही जांच एजेंसियों को ज्यादा अधिकार देने का प्रस्ताव भी है।

Money Bhaskar

Mar 01,2018 07:42:00 PM IST

नई दिल्‍ली। कैबिनेट ने फ्यूगिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स बिल को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद आर्थिक अपराध कर विदेश भागने वाले आरोपियों के खिलाफ कानून बनाना है। प्रस्तावित कानून में विदेश भागे लोगों की संपत्तियां जब्त करने और उन्हें फटाफट बेचने को आसान बनाया जाएगा। साथ ही, जांच एजेंसियों को ज्यादा अधिकार देने का प्रस्ताव भी है। कैबिनेट की बैठक के बाद फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने इस बात की जानकारी दी है।


फ्रॉड करके आरोपी विदेश नहीं भाग पाएंगे

जेटली ने कहा कि सरकार फ्रॉड रोकने के लिए प्रयासरत है और इस बिल के लागू होने के बाद फ्रॉड करके आरोपी विदेश नहीं भाग पाएंगे। उल्‍लेखनीय है कि पिछले दिनों पंजाब नेशनल बैंक से 11500 करोड़ रुपए का फ्रॉड करने वाले नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चौकसी विदेश भाग गए। जिसके बाद से सरकार पर दबाव है कि सरकार ऐसे आरोपियों को रोकने में विफल रही है। इससे पहले विजय माल्‍या और ललित मोदी भी विदेश भाग गए थे।

संपत्ति होगी जब्‍त

इस बिल के तहत नीरव मोदी जैसे मामलों में आरोपी की संपत्ति को इम्‍पाउंड और सेल करने की इजाजत सरकार को मिल जाएगी और स्‍पेशल कोर्ट के माध्‍यम से कॉरपोरेट डिफॉल्‍टर्स के भागने के बाद जल्‍द से जल्‍द रिकवरी हो जाएगी।

सितंबर में यूनियन लॉ मिनिस्‍ट्रर ने फाइनेंस मिनिस्‍ट्री के इस बिल के ड्राफ्ट को मंजूरी दी थी।

कौन होगा फ्यूगिटिव इकोनॉमिक ऑफेडर?

बिल में फ्यूगिटिव इकोनॉमिक ऑफेडर उस व्‍यक्ति को कहा जाएगा, जिसके खिलाफ अरेस्‍ट वारंट जारी हो चुका है और जो कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए भारत छोड़ चुका है या छोड़ने वाला है या भारत आने से मना कर रहा है। उस व्‍यक्ति के खिलाफ इस कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

ऑडिटर्स पर भी होगी कार्रवाई

नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी के तहत जांच एजेंसियों को ज्यादा अधिकार देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। साथ ही, नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी को ऑडिटर्स के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार होगा।

क्‍या है एनएफआरए

जेटली ने कहा कि नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी द्वारा ऑडिटर्स पर नजर रखी जाएगी। पहले चरण में यह बिल लिस्‍टेड कंपनियों पर ही लागू होगा। अथॉरिटी में एक चेयरमैन और तीन फुल टाइम मेंबर्स होंगे।

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