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Home » Economy » PolicyModi govt approved KUSUM scheme for Farmers, see the details

Solar Plant लगाने के लिए खर्च करना होगा केवल 10% पैसा, 60% सब्सिडी देगी सरकार

Kusum : किसानों के लिए मोदी सरकार ने दी एक बड़ी योजना को मंजूरी 

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नई दिल्ली. PM Kisan के बाद मोदी सरकार (Modi Govt) ने किसानों के लिए एक और बड़ी योजना की शुरूआत की है। मंगलवार शाम को कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी। किसान उर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान यानी कुसुम (KUSUM) नाम की इस योजना के तहत किसान न केवल अपने खेतों में सोलर पंप (Solar Pump) लगा कर सिंचाई कर सकेंगे, बल्कि सोलर प्लांट (Solar power plant) से पैदा बिजली को बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।  इसके लिए किसानों को केवल 10 फीसदी पैसे का इंतजाम करना होगा। आइए, जानते हैं, क्या है इस योजना की खासियत - 

 

क्या है Kusum योजना
भारत में किसानों को सिंचाई में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है और अधिक या कम बारिश की वजह से किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं। केंद्र सरकार की कुसुम योजना के जरिये किसान अपनी जमीन में सौर ऊर्जा उपकरण और पंप लगाकर अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं। कुसुम योजना की मदद से किसान अपनी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग खेती के लिए कर सकते हैं। किसान की जमीन पर बनने वाली बिजली से देश के गांव में बिजली की निर्बाध आपूर्ति शुरू की जा सकती है। 

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कुसुम के पहले चरण में डीजल पंप बदले जाएंगे


कुसुम योजना के पहले चरण में किसानों के सिर्फ उन सिंचाई पंप को शामिल किया जाएगा जो अभी डीजल से चल रहे हैं. सरकार के एक अनुमान के मुताबिक इस तरह के 17.5 लाख सिंचाई पंप को सौर ऊर्जा से चलाने की व्यवस्था की जाएगी. इससे डीजल की खपत और कच्चे तेल के आयात पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

 

कहां से आएगा पैसा

 
- कुसुम योजना के तहत सोलर पैनल की लागत का 10 फीसदी पैसा किसाना को लगाना होगा 
- 30 फीसदी पैसा केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी के तौर पर दिया जाएगा। 
- 30 फीसदी पैसा राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के तौर पर दिया जाएगा। 
- शेष 30 फीसदी किसान बैंक से लोन ले सकते हैं। लोन लेने में सरकार किसान की मदद करेगी। 
 

कितनी होगी बिजली की बचत 

 

सरकार का मानना है कि अगर देश के सभी सिंचाई पंप में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने लगे तो न सिर्फ बिजली की बचत होगी, बल्कि 28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी संभव होगा। कुसुम योजना के अगले चरण में सरकार किसानों को उनके खेतों के ऊपर या खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगा कर सौर ऊर्जा बनाने की छूट देगी।  इस योजना के तहत 10,000 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्लांट किसानों की बंजर भूमि पर लगाये जाएंगे। 

दो तरह से होगा फायदा 
कुसुम योजना किसानों को दो तरह से फायदा होगा। एक तो उन्हें सिंचाई के लिए फ्री बिजली मिलेगी और दूसरा अगर वह अतिरिक्त बिजली बना कर ग्रिड को भेजते हैं तो उसके बदले उन्हें कमाई भी होगी। 

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