Home » Economy » PolicyBullet Train In Durgapuja In Kolkata, Built In Just 70,000, This Train

कोलकाता की दुर्गापूजा में 'बुलेट' ट्रेन, मात्र 70,000 में बनी है

32 साल के कारीगर चन्द्रकांता सांत्रा ने तैयार की 'बुलेट' ट्रेन

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नई दिल्ली। मुंबई अहमदाबाद के बाद अब कोलकाता में भी 'बुलेट' ट्रेन दौड़ती नजर आएंगी। जहां आप इस बुलेट ट्रेन का दर्शन कर सकते हैं। 14 अक्टूबर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यहां हम बात कर रहें हैं कोलकाता में बुलेट ट्रेन की थीम पर आधारित दुर्गापूजा पंडाल की। काॅलेज स्ट्रीट (नार्थ कोलकाता) में बुलेट ट्रेन की थीम पर बनी इस पूजा पंडाल का उद्घाटन 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करेंगी। काॅलेज स्क्वायर में हर साल अलग और अनोखा पूजा पंडाल देखा जाता है। यही वजह है कि यहां दूर-दूर से लोग पूजा पंडाल का दर्शन करने आते हैं। इस साल यहां का पूजा पंडाल ट्रेन की थीम पर तैयार की गई है। यहां के पूजा आयोजक काॅलेज स्क्वायर सार्वजनिन दुर्गोत्सव कमिटी का मानना है कि इस साल लोगों में यह पंडाल आकर्षण का केन्द्र बना रहेगा। इस बुलेट ट्रेन को 32  साल के कारीगर चन्द्रकांता सांत्रा ने तैयार किया है। चन्द्रकांता हावड़ा के रहने वाले हैं।

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70,000 में बना यह बुलेट ट्रेन

इस बुलेट ट्रेन को 6 महीनें में तैयार किया गया। इस माॅडल को तैयार करने में 70,000 का खर्चा पड़ा है। यह बुलेट ट्रेन 20 फीट लंबा है जिसे 70 फीट लंबे ट्रैक पर दौड़ते हुए दिखाया गया है। इसके बीच में स्टेशन भी बनाएं गए हैं। इस माॅडल में काॅलेज स्क्वायर का स्विमिंग पूल वाले एरिया को प्लेटफार्म बनाया गया है ताकि पब्लिक बुलेट ट्रेन के साथ ही खूबसूरत नजारा भी देख सकें। इसके साथ ही स्टेशन में प्रवेश करते समय ट्रेन अपने हूटर को उड़ाएगी और अगले स्टेशन पर रुकने से पहले घोषणा होगी और यांत्रिक दरवाजा खुल जाएगा। चन्द्रकांता बतातें हैं कि इसे बनाने से पहले मैंने काफी रिसर्च वगैराह किया था।

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मुंबई-अहमदाबाद नहीं कोलकाता में बुलेट ट्रेन दौड़ते देखना चाहता था :

कारीगर चन्द्रकांता ने मीडिया को बताया कि कोलकाता में बुलेट ट्रेन को देखना उनका सपना था। वे कहते हैं, मैंने अपने सपने को पूजा पंडाल के तौर पर बना कर पूरा किया है। जब पहली बार भारत में बुलेट ट्रेन आने की खबर पढ़ा था तभी से कोलकाता में इसे देखने के लिए उत्साहित था, लेकिन पता चला यह हमारे शहर में नहीं बल्कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलेगी तो मैं निराश हो गया था।

इसके बाद मैंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ‘एगिये बंग्ला’ (बंगाल का विकास) आइडिया पर काम किया और सबसे पहले कोलकाता में बुलेट ट्रेन लेकर आने का प्लान बनाया। चन्द्रकांता बंगाल जूट मिल के कर्मचारी हैं। 

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