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नहीं डूबेगा आपकी गाढ़ी कमाई का पैसा, गैर कानूनी डिपॉजिट स्‍कीम चलाने पर बैन लगाएगी सरकार

गैर कानूनी डिपॉजिट स्‍कीम चलाने वालों के लिए 10 साल तक की जेल का प्रावधान है।

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नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार गैर कानूनी डिपॉजिट स्‍कीमों पर प्रतिबंध लगाने जा रही है। सरकार इसके लिए कानून बनाएगी जिसके तहत गैर कानूनी डिपॉजिट स्‍कीम चलाने वालों के लिए 10 साल तक की जेल का प्रावधान है। केंद्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री पी राधाकृणन ने बुधवार को संसद में द बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्‍कीम्‍स, बिल 2018 पेश किया हे। केंद्र पर गैर कानून डिपॉजिट स्‍क्‍ीमों का प्रसार नहीं रोक पा रही है। इसलिए सरकार संसद के जरिए कानून बनाने की तैयारी में है।  

 

डिपॉजिटर्स का पैसा चुकाना होगा होगा जरूरी 

संसद में टेबल किए गए बिल में रेगुलेटेड डिपॉजिट स्‍क्‍ीम लांच करने वाले के लिए यह जरूरी बनाया गया है कि वह डिपॉजिटर्स को रिपेमेंट में कोई धोखाधड़ी या डिफॉल्‍ट न करे। यानी डिपॉजिटर्स अपना पैसा जब निकालना चाहे उसे पेमेंट मिलना चाहिए। इसके अलावा बिल में राज्‍य सरकारों द्वारा कंपीटेंट अथॉरिटी स्‍थापित करने का भी प्रावधान किया गया है । यह अथॉरिटी डिपॉजिट लेने वाले इस्‍टैबलिशमेंट द्वारा डिफॉल्‍ट करने पर डिपॉजिटर्स को रीपेमेंट सुनिश्चित कराएगी। इस्‍टैबलिशमेंट अगर ऐसा नहीं करता है तो अथॉरिटी के पास उसकी असेट अटैच करने का अधिकार होगा। इस बारे में कोई विवाद होने पर सुनवाई के लिए डेजिगनेटेड कोर्ट स्‍थापित करने का प्रावधान भी बिल में किया गया है। 

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डिपॉजिट स्कीमों में है नियमन की समस्‍या 

केंद्र और राज्‍य सरकारों द्वारा बनाए गए तमाम कानूनों के तहत नॉन बैकिंग कंपनियों को डिपॉजिट स्‍कीम चलाने की अनुमति दी गई है। लेकिन इस तरह की स्‍कीमों में निवेशकों का पैसा न डूबे इसके लिए कानूनी प्रावधान पर्याप्‍त नहीं है। इसका एक कारण यह भी है कि नियामक एक निश्चित क्षेत्र में काम करता है जैसे फाइनेंस सेक्‍टर में। उदाहरण के लिए रिजर्व बैंक नॉन बैकिंग फाइनेंशियल कंपनियों का नियमन करता है। वहीं चिट फंड, मल्‍टी लेवल मार्केटिंग स्‍क्‍ीम और कोऑपरेटिव सोसायटी की डिपॉजिट स्‍कीम राज्‍य सरकारों के दायरे में आता है। वहीं कलेक्टिव इन्‍वेस्‍टमेंट स्‍कीम सिक्‍युरिटीज एंड एक्‍सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के दायरे में आता है। इसका फायदा उठाकर लोग अवैध डिपॉजिट स्‍कीम चलाते हैं। ये आम निवेशकों को काफी अधिक रिटर्न का लालच देते हैं। इससे आम लोग इनकी स्‍कीमों में पैसा लगा देते हैं। 

 

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बजट में की गई थी कानून बनाने की घोषणा 

अरुण जेटली ने बजट 2016 17 ने अवैध डिपॉ‍जिट स्कीमों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र के स्‍तर पर कानून बनाने की घोषणा की थी। जेटली ने कहा था कि देश के अलग अलग भागों में बड़े पैमाने पर डिपॉजिट लेने वाली स्कीमों के नाम पर लोगों का पैसा लूटा जा रहा है। इसके शिकार ज्‍यादातर गरीब और अशिक्षित लोग हो रहे हैं। इस तरह की स्कीमों का जाल कई राज्‍यों में फैला हुआ है। 

 

 

कानून बनाने में सरकारें रही हैं सुस्‍त 

पोंजी स्‍कीमों से निपटने के लिए कानून बनाने में सरकारें सुस्‍त रही हैं। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी साल में बिल को संसद में रखा है। अब यह बिल कब पारित होगा। इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। पश्चिम बंगाल में हुए शारदा घोटाले में आम निवेशकों का पैैसा अब तक नहीं मिला है। यह घोटाला यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुआ था। शारदा घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। 

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