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आमिर की थ्री इडियट के तर्ज पर होगा इलाज, डॉक्टरों की कमी का नहीं होगा अहसास

दूर होगी डॉक्टरों के गांव जाने की समस्या

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नई दिल्ली. तकनीक हर किसी का तोड़ निकाल लेती है। इसकी एक मिसाल आमिर खान की फिल्म थ्री एडियट में दिखी थी, जहां एक्यूप्रेशर की मदद से दूर बैठकर करीना कपूर ने प्रेगनेंसी कराई। लेकिन वह सिनेमा की बात थी। अब रियल लाइफ में सच करने की कोशिश हो रही है। इससे लोग न केवल इलाज के लिए शहरों का रुख करने से बच जाएंगे, बल्कि गांवो में डॉक्टर के न आने की समस्या भी दूर हो जाएगी। इससे भारत को काफी फायदा होगा। भारत में 10 लाख एलोपैथिक डॉक्टर 1.3 अरब लोगों का इलाज करते हैं, जो देश में डॉक्टरों की कमी की तरफ साफ इशारा करता है। मतलब देश में औसतन 1000 लोगों पर एक डॉक्टर मौजूद हैं। वहीं गावों में हालात शहरों के मुकाबले काफी बुरे हैं। ऐसे में ऑनलाइन इलाज से डॉक्टरों की कमी का अहसास नहीं होगा।  

 

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दरअसल चीन की कंपनी हुवाई ने इस तरह के मेडिकल उपकरण  बनाने की पेशकश की है, जिसकी मदद  से टेलीमेडिसीन सर्विस मुहैया कराई जा सकेगी। इसके जरिए ऑनलाइन इलाज किया जा सकेगा साथ ही डॉक्टर से बातचीत भी की जा सकेगी। डॉक्टर दूर बैठे मरीज को चेकअप करके दवा के बारे में जानकारी दे सकेंगे। इससे न सिर्फ शहर आने-जाने का वक्त बचेगा बल्कि अपने पसंदीदा डॉक्टर से इलाज कराया जा सकेगा। हुवाई की डिवाइस से यह सर्विस अल्ट्रा ब्राडबैड कनेक्टिविटी की मदद से पहुंचाई जाएगी और स्पेशलिस्ट डॉक्टर रिमोटली एडवांस्ड सर्विस मुहैया कराएंगे। बता दें कि WHO के 60 फीसदी सदस्य देश टेलीमेडिसीन सर्विस लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

 

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नेशनल हेल्थ प्रोफाइल के 2017 के आंकड़ों के मुताबिक केवल 10 फीसदी डॉक्टर ही पब्लिक हेल्थ सेक्टर में काम करते हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में इसकी औसत शहरों के मुकाबले काफी कम है। केंदीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से वर्ष 2017 में जारी आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में 81.6 फीसदी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी है। ऐसे में टेलीमेडिसिन सर्विस काफी कारगर साबित हो सकती है। 

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