Home » Economy » PolicyWPI inflation rises to 5.13 pc in Sep

सितंबर में 5.13% रही थोक महंगाई, फूड आइटम्स की कीमतों में बढ़ोत्तरी पड़ी भारी

आलू 80 फीसदी और प्याज 25 फीसदी हुआ महंगा

WPI inflation rises to 5.13 pc in Sep

 

नई दिल्ली. थोक कीमतों आधारित महंगाई सितंबर में 5.13 फीसदी के आंकड़े के साथ दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। महंगाई में बढ़ोतरी की मुख्य वजह फूड आइटम्स और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी रही। वहीं अगस्त में थोक कीमतों आधारित इंडेक्स (WPI) 4.53 फीसदी और बीते साल सितंबर में 3.14 फीसदी रही थी।

 

 

फ्यूल और बिजली की कीमतें 16.65% बढ़ीं

सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में फ्यूल और बिजली के प्राइसेस में 16.65 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। पेट्रोल और डीजल में क्रमशः 17.21 फीसदी और 22.18 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। वहीं एलपीजी यानी घरेलू गैस की कीमतों में 33.51 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।

 

80 फीसदी बढ़ीं आलू की थोक कीमतें

फूड आर्टीकल्स की बात करें तो सितंबर में आलू की थोक कीमतों में 80.13 फीसदी, वहीं प्याज और फलों की कीमतों में क्रमशः 25.23 फीसदी और 7.35 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि दालों की कीमतों में 18.14 फीसदी की कमी दर्ज की गई। थोक महंगाई बीते दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले जुलाई में यह 5.27 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई थी।

 

 

खुदरा महंगाई में मामूली बढ़ोत्तरी

बीते सप्ताह जारी डाटा के मुताबिक, सितंबर में खुदरा महंगाई मामूली बढ़कर 3.77 फीसदी के स्तर पह पहुंच गई। वहीं इससे पिछले महीने में यह आंकड़ा 3.69 फीसदी रहा था। आरबीआई मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू के दौरान खुदरा महंगाई के आंकड़ों को ध्यान में रखता है।

पिछले हफ्ते हुए चौथे मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू में रिजर्व बैंक (RBI) ने बेंचमार्क ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया था, हालांकि आरबीआई ने तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी, बिगड़ती ग्लोबल फाइनेंशियल कंडीशंस के मद्देनजर ग्रोथ और इनफ्लेशन के प्रति पैदा हुए जोखिम को लेकर आगाह किया था।

आरबीआई ने अक्टूबर-मार्च में खुदरा महंगाई 3.9-4.5 फीसदी के दायरे में रहने का अनुमान जाहिर किया था।


 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट