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खुदरा महंगाई 18 महीने के लो पर, सब्जियां, फल और फ्यूल सस्ते होने से 2.19% के स्तर पर आई

थोक महंगाई 3.80 फीसदी के साथ 8 महीने के निचले स्तर पर आई।

WPI inflation at 8-month low of 3.80 pc in Dec on softening fuel, food prices


नई दिल्ली. फल, सब्जियों और फ्यूल की कीमतों में गिरावट से सोमवार को मोदी सरकार को बड़ी राहत मिली। दिसंबर में खुदरा महंगाई 2.19 फीसदी के स्तर पर आ गई, जो 18 महीने का निचला स्तर है। एक महीने पहले यानी नवंबर, 2018 में यह आंकड़ा 2.33 फीसदी और दिसंबर, 2017 में खुदरा महंगाई 5.21 फीसदी रही थी। वहीं थोक महंगाई यानी WPI (Wholesale Price Index) भी 3.80 फीसदी के साथ 8 महीने के निचले स्तर पर आ गई।

 

सब्जियां और फ्यूल हुए सस्ते

इससे पहले नवंबर में डब्ल्यूपीआई बेस्ड महंगाई 4.64 फीसदी रही थी और बीते साल दिसंबर में यह 3.58 फीसदी रही थी। इससे पहले अप्रैल में 3.62 फीसदी थोक महंगाई दर्ज की गई थी।

सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में फूड आर्टिकल्स में डिफ्लेशन 0.07 फीसदी रहा, जबकि नवंबर में यह 3.31 फीसदी रही थी। वहीं दिसबंर में सब्जियों की कीमतों में 17.55 फीसदी का डिफ्लेशन रही, जबकि इससे पिछले महीने में यह 26.98 फीसदी रही थी।

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क्या है डिफ्लेशन?

नकारात्मक दायरे में अस्थायी गिरावट को तुरंत डिफ्लेशन यानी अपस्फीति के तौर पर नहीं लिया जाता। वास्तव में यह कीमतों में लगातार गिरावट की स्थिति है। यह तब आती है जब मुद्रास्फीति दर शून्य फीसदी से भी नीचे चली जाती है। डिफ्लेशन के माहौल में उत्पादों और सेवाओं के दाम गिरने जारी रहते हैं। इसलिए, उपभोक्ताओं के पास कीमतों और गिरावट आने तक खरीददारी और उपभोग के फैसले टालने का मौका होता है। इसके चलते आर्थिक गतिविधियों पर काफी हद तक ब्रेक लग जाता है। अर्थव्यवस्था जिस तादाद में उत्पाद और सेवाएं खरीदना चाहती हैं और जिस कीमत पर खरीदना चाहती हैं, उन दोनों में गिरावट आती है। 

 

पेट्रोल-डीजल ने दी राहत

दिसंबर, 2018 में ‘फ्यूल और पावर’ बास्केट की महंगाई घटकर 8.38 फीसदी रह गई, जो नवंबर के 16.28 फीसदी की तुलना में आधी है। इसकी वजह दिसंबर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी होना रही है।

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आलू-प्याज हुए और सस्ते

पेट्रोल और डीजल की महंगाई की बात करें तो यह क्रमशः 1.57 फीसदी और 8.61 फीसदी रही। वहीं लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की महंगाई 6.87 फीसदी है। फूड आर्टिकल्स की बात करें तो आलू की कीमतें खासी घट गई हैं।
दालों की महंगाई 2.11 फीसदी पर बरकरार है, जबकि ‘अंडे, मीट और मछली’ की महंगाई 4.55 फीसदी रही। प्याज में 63.83 फीसदी की डिफ्लेशन दर्ज की गई, जबकि नवंबर में यह आंकड़ा 47.60 फीसदी रहा था।
 

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