बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyएक ही झटके में चीन-अमेरिका आए रास्‍ते पर, ये है भारत का दांव

एक ही झटके में चीन-अमेरिका आए रास्‍ते पर, ये है भारत का दांव

अमेरिका और चीन इंटर नेशनल अलायंस (आईएसए) में शामिल होने के लिए लाइन में लग गए हैं।

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नई दिल्ली. पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने वाले अमेरिका के अलावा जर्मनी समेत कई विकसित देशों के साथ ही चीन भी इंटर नेशनल अलायंस (आईएसए) में शामिल होने के लिए लाइन में लग गया है। इन देशों ने इस गठबंधन में शामिल होने की उत्‍सुकता जाहिर की है। जहां तक पाकिस्‍तान की बात है तो बताया गया है कि यह देश इस गठबंधन में शामिल होने की योग्‍यता ही नहीं रखता है। भारत में इस गठबंधन का सम्‍मेलन चल रहा है। भारत और फ्रांस इस गठबंधन के फाउंडर सदस्‍य हैं। यह दुनिया का अकेला संगठन हैं जहां सदस्‍य देश बनने के लिए किसी से काेई शुल्‍क नहीं लिया गया है। यह भारत की तरफ से सदस्‍य देशों के एक तोहफे की तरह है।

 

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

विदेश मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव टी एस तिरूमूर्ति ने आईएसए सम्मेलन की जानकारी देने के लिए रविवार को यहां बुलाई गई विशेष प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इन देशों ने आईएसए में शामिल होने को लेकर उत्सुकता जाहिर की है और अगले कुछ समय में वे इसके समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।      

 

 

पाक के पास सदस्‍यता लेने की योग्‍यता ही नहीं

उन्होंने बताया कि ये देश आईएसए की अंतरराष्ट्रीय संचालन समिति के सदस्य हैं। फरवरी में दिल्ली में आयोजित संचालन समिति की बैठक में इन देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। समझौते पर हस्ताक्षर को लेकर इनके साथ बातचीत चल रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान भी आईएसए में शामिल होगा, सचिव ने कहा कि वह इसका सदस्य बनने की योग्‍यता नहीं रखता है।



 

आगे पढ़ें :  यूपी में तैयार हुआ सबसे बड़ा सोलर पार्क

 

 

 



12 मार्च को शुरू होगा यह सौलर पॉवर पार्क

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पीएम की मौजूदगी में उत्‍तर प्रदेश के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट की 12 मार्च को शुरुआत करेंगे। यह प्लांट छानबे दादर कला गांव में बना है। फ्रांस की कंपनी एनवॉयर सोलर प्राइवेट लिमिटेड और नेडा की मदद से यह सोलर प्लांट तैयार किया गया है। यह प्‍लांट 18 महीने में बनकर हुआ तैयार है।

 

खास बातें

- प्रोजेक्ट ऑपरेटर ने बताया, 382 एकड़ में लगे इस प्लांट की कुल लागत 650 करोड़ रुपए है।

- ये पूरी तरह से ऑटो मैटिक है। इसे स्वीच ऑन या ऑफ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

- इस प्लांट में 3 लाख 18 हजार सोलर प्लेट्स लगाए गए हैं।

- वहीं, 200 से ज्यादा वर्कर और 20 से ऊपर इंजीनियर्स की मदद से 18 महीने में इसे तैयार किया गया है।

- खास बात यह है कि इस प्लांट को लगाने में उपजाऊ जमीन का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

- इस पावर प्लांट को 'जिग्ना पावर हाउस' से कनेक्ट किया गया है। यहां प्लांट से 2 किमी दूर है

- यहां से बिजली मिर्जापुर ए और बी ब्लॉक में बांटकर दी जाएगी। बची बिजली इलाहाबाद को भी दी जाएगी।

- 5 लाख यूनिट पर डे सप्लाई करेगा यह सोलर पॉवर प्‍लांट। इसकी कैपेसिटी 75 मेगावाट है।

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