Home » Economy » Policyसुप्रीम कोर्ट ने कहा अगर पैसा नहीं जमा कराया तो चलेगी अवमानना की कार्रवाई - Supreme Court to initiate con

SC से जेपी एसो. को राहत, 25 जनवरी तक जमा कर सकेगी 125 करोड़ रु

सुप्रीम कोर्ट ने जेपी एसोसिएट्स को कोर्ट में 125 करोड़ रुपए जमा करने की समयसीमा बढ़ाकर 25 जनवरी 2018 कर दी है।

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नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट ने  जेपी एसोसिएट्स को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कंपनी के लिए 125 करोड़ रुपए जमा करने की समयसीमा बढ़ाकर 25 जनवरी, 2018 कर दी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को चेतावनी भी दी और कहा कि ऐसा करने में नाकाम रहने पर उस पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
 
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट होम बायर्स की अपील पर सुनवाई करते हुए कंपनी के डायरेक्टर्स के देश छोड़ने पर भी रोक लगा चुका है। इसके अलावा जेपी के खिलाफ दिवालिया घोषित करने की प्रॉसेस जारी रखने को भी कहा है। कोर्ट ने एंटरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) से भी कहा है कि होम बायर्स और क्रेडिटर्स के हितों की रक्षा की जाए।
 
इन्‍सॉल्‍वेंसी एंड बैंकरप्‍सी कोड के मुताबिक, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्‍यूनल (एनसीएलटी) द्वारा किसी एक प्रोफेशनल को इंटरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) अप्वॉइंट किया जाता है। ये कंपनी का पूरा मैनेजमेंट संभाल लेता है और तय वक्त में प्‍लान तैयार कर एनसीएलटी को सौंपता है। इस प्‍लान के मुताबिक, कंपनी के क्रेडिटर्स को उनका पैसा लौटाया जाता है।
 

 

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प्रॉपर्टी बेच सकती है कंपनी

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को एक राहत भी दी थी। जेपी एसोसिएट से कहा गया कि वो लैंड और बाकी प्रॉपर्टी बेचकर दो हजार करोड़ रुपए इकट्ठा कर लें, लेकिन इससे पहले कंपनी को आईआरपी का अप्रूवल लेना होगा।  
 
बायर्स का फंसा है 25 हजार करोड़ रुपए
पिछली सुनवाई में होम बायर चित्रा शर्मा के वकील अजीत सिन्‍हा ने कहा था कि होम बायर्स का करीब 25 हजार करोड़ रुपए फंसा है, लेकिन बैंक के सिर्फ 500 करोड़ रुपए की रकम के लिए इन्‍सॉल्‍वेंसी प्रोसेस शुरू कर दिया गया। बता दें कि जेपी इन्फ्राटेक के प्रोजेक्ट्स में करीब 32 हजार लोगों ने फ्लैट बुक कराए थे।
 
यह है मामला
- 9 अगस्‍त को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्‍यूनल (एनसीएलटी) ने जेपी इन्‍फ्राटेक लिमिटेड को दिवालिया (इनसॉल्वेंट) की श्रेणी में डालते हुए उसके खिलाफ इनसॉल्‍वेंसी का प्रोसेस शुरू करने की मंजूरी दी थी। यह ऑर्डर आईडीबीआई बैंक की पिटीशन पर दिया गया था।
- जेपी इन्फ्राटेक पर उसका करीब 526.11 करोड़ रुपए का डिफॉल्‍ट है। एनसीएलटी ने गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट अनुज जैन को इं‍टरिम रिजॉल्युशन प्रोफेशनल अप्वॉइंट किया है। लेकिन होम बायर्स की शिकायत थी कि कि उन्‍हें सिक्‍योर्ड क्रेडिटर्स नहीं माना जा रहा है, इसलिए इन्‍सॉलवेंसी प्रोसेस रोका जाए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 4 सितंबर को मामले की सुनवाई हुई और इन्‍सॉल्‍वेंसी प्रोसेस पर स्‍टे लगा दिया गया।

 

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