Home » Economy » Policyकैग ने लगाया था एक लाख 76 हजार करोड़ रुपए के राजस्‍व के नुकसान का अनुमान - CAG had estimated the loss of revenue of

ऐसे आया था 1.76 लाख करोड़ रुपए के घोटाले का आंकड़ा, कैग ने लगाया था ये फॉर्मूला

2G स्पेक्ट्रम मामला यूपीए सरकार के दौरान चर्चा में आया। घोटाले के आरोप लगे।

1 of

नई दिल्‍ली.  2G स्पेक्ट्रम मामला यूपीए सरकार के दौरान चर्चा में आया। घोटाले के आरोप लगे। हालांकि, गुरुवार को आए फैसले में किसी को भी दोषी करार नहीं दिया गया। दरअसल, यह विवाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ था। इसमें कहा गया था कि स्पेक्ट्रम एलोकेशन (आवंटन) गलत तरीके से किए जाने की वजह से सरकार को 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू लॉस (राजस्व नुकसान) हुआ। यह अनुमान कैग ने ही लगाया था। सीबीआई का मानना था कि इसमें करीब 31 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। दोनों संस्‍थाओं के अनुमान में इस फर्क की वजह टेलीकॉम कंपनियों की इनकम को अलग-अलग नजरिए से देखना था।

 

 

कैग ने तैयार की थी 77 पेज की रिपोर्ट

- 16 नवंबर 2010 को कैग की रिपोर्ट संसद में रखी गई थी। यह रिपोर्ट 77 पेज की थी, जिसमें 2G  स्पेक्ट्रम आवंटन से सरकार को 57 हजार करोड़ रुपए से लेकर 1.76 लाख करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका जताई गई थी।

- इस रिपोर्ट में कहा गया था कि स्‍पेक्‍ट्रम आवंटन को लेकर रूल्स को पूरी तरह फॉलो नहीं किया गया। ट्राई ने कई सुझाव दिए थे, जिनको पूरी तरह से नहीं माना गया। कैग ने संभावित रेवेन्‍यू लॉस का फॉर्म्युला इसी कैल्कुलेशन के लिए लागू किया था।

 

 

कैग के नुकसान का आकलन

 

किस हेड में कितने नुकसान का आकलन

कितने नुकसान का आकलन

न्‍यू लाइसेंस

102498 करोड़ रुपए

ड्यूल टेक्‍नॉलाजी

37154  करोड़ रुपए

6.2 MHz से ज्‍यादा दिया स्‍पैक्‍ट्रम

36993 करोड़ रुपए

टोटल

1,76, 645 करोड़ रुपए

                        

CBI की अलग थी राय

- सीबीआई ने जांच में अपने हिसाब से कैल्कुलेशन किया था। इसका आधार एडजेस्‍टेड ग्रॉस रेवेन्‍यू था। इस अाधार पर कैल्कुलेशन करने पर सीबीआई का कहना था कि इस मामले में 30984 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ।

 

122 यूनिफाइड एक्‍सेस सर्विस लाइसेंस हुए थे जारी

- 2007-08 में 122 नए यूनिफाइड एक्‍सेस सर्विस (UAS) लाइसेंस जारी किए गए थे। यह 2G के लिए थे। इसके अलावा 35 ड्यूल टेक्‍नॉलाजी लाइसेंस और कुछ कंपनियों को एडीश्नल स्‍पेक्‍ट्रम जारी किया गया था। इन्‍हीं लाइसेंस देने की प्रॉसेस और रेवेन्‍यू का कैग ने ऑडिट किया था।

 

यह भी पढ़ें : 2G केस: ए राजा, कनिमोझी समेत सभी आरोपी बरी, सिब्‍बल बोले- माफी मांगे पूर्व कैग विनोद राय 

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट