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देश के 75 फीसदी परिवारों ने माना भ्रष्‍टाचार बढ़ा, 27% ने घूस देने की बात मानी

देश के 75 फीसदी परिवारों का मानना है कि देश में पिछले एक साल के दौरान भष्‍टाचार बढ़ा है।

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नई दिल्‍ली. देश के 75 फीसदी परिवारों का मानना है कि देश में पिछले एक साल के दौरान भष्‍टाचार बढ़ा है। वहीं 27 फीसदी परिवारों ने कहा है उन्‍हें पब्लिक सर्विस लेने के लिए घूस देनी पड़ी है। यह जानकारी एक सर्वे में सामने आई है, जो देश के 13 राज्‍यों में किया गया है। सर्वे में कहा गया है कि इन 13 राज्‍यों के लोगों को जरूरी सरकारी सेवाएं लेने के लिए करीब 2500 करोड़ से लेकर 2800 करोड़ रुपए तक की घूस देनी पड़ी। इस रिपोर्ट को उत्‍तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह ने जारी किया। 

 

इंडियन करप्शन स्‍टडी नाम से हुआ सर्वे

यह सर्वे इंडियन करप्शन स्‍टडी नाम से हुआ है, जिसे सेंटर फॉर मीडिया स्‍टडीज ने किया है। इसमें 2000 परिवारों को शामिल किया गया था। यह परिवार 13 राज्‍यों के 200 गांवों से चुने गए थे। जिन 13 राज्‍यों में सर्वे किया गया उनमें आंध्र प्रदेश, बिहार, दिल्‍ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र, पंजाब, राजस्‍थान, तमिलनाडु, तेलंगना, उत्‍तर प्रदेश और बंगाल शामिल हैं। 

 

जिन 11 सरकारी सेवाओं पर मांगी गई जानकारी

यह सर्वे 11 सरकारी सेवाओं में भष्‍टाचार को लेकर किया गया था। इनमें पब्लिक डिस्‍ट्रीब्‍यूशन सिस्‍टम (पीडीएस), बिजली, हेल्‍थ, स्‍कूल एजुकेशन, वॉटर सप्‍लाई, बैंकिंग सर्विस, पुलिस, न्‍यायिक सेवा, लैंड व हाउसिंग और ट्रांसपोर्ट सर्विस के अलावा महात्‍मा गांधी नेशनल रूरल इम्प्लॉइमेंट गारंटी स्‍कीम जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है। 

 

2800 करोड़ रुपए तक की दी घूस

1991 में स्‍थापित नॉन प्राफिट ऑर्गनाइजेशन CMS के अनुसार इन 13 राज्‍यों में लोगों को जरूरी सरकारी सेवाएं लेने के लिए करीब 2500 करोड़ से लेकर 2800 करोड़ रुपए तक की घूस देनी पड़ी। सर्वे में सामने आया है कि लोगों को आधार से लेकर वोटर आईडी कार्ड बनवाने जैसी सेवाआें के लिए भी घूस देनी पड़ी है। 

 

कई समस्‍याओं की जड़ है भ्रष्‍टाचार 

रिपोर्ट जारी करते हुए प्रकाश सिंह ने कहा कि भ्रष्‍टाचार के चलते असम में दिक्‍कतें हैं, नागालैंड में अलगाववादी आंदोलन चल रहा है और कश्‍मीर में आतंकवादी आंदोलन चल रहा है। घूसखोरी से जनता में असंतोष पैदा होता है, वहीं कई बार यह सरकारों को सत्‍ता से गिराने का भी कारण भी बन जाता है। उन्‍होंने कहा कि भ्रष्‍टाचार पर रोक लगाना जरूरी है, नहीं तो यह देश की प्रगति में बाधक बन जाएगा। 


हालांकि 2005 की तुलना में घटा है भ्रष्‍टाचार 

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 2005 की तुलना में 2018 में लोगों ने माना है कि भ्रष्‍टाचार में कमी आई है। जहां 2005 में 52 फीसदी परिवारों ने माना था कि भ्रष्‍टाचार है वही यह 2018 में घटकर 27 फीसदी रह गया है। 

 

 

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