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सोशल सिक्‍योरिटी कानून तोड़ने पर महंगाई के साथ बढ़ेगी जुर्माने की रकम, ड्रॉफ्ट लेबर कोड में प्रावधान

पहली बार देश में सोशल सिक्‍योरिटी कानून तोड़ने वालों पर लगने वाली पेनाल्‍टी को रिटेल इंफ्लेशन से से जोड़ा जा सकता है।

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नई दिल्‍ली. पहली बार देश में सोशल सिक्‍योरिटी कानून तोड़ने वालों पर लगने वाली पेनल्‍टी को रिटेल इंफ्लेशन से जोड़ा जा सकता है। ड्रॉफ्ट लेबर कोड में इस तरह के प्रावधान हैं, जिसके तहत इम्‍प्‍लॉयर पर यह पेनल्‍टी लगाई जा सकेगी।

 

 

कम्‍युनिटी सर्विस का भी प्रावधान

पेनल्‍टी को रिटेल इंफ्लेशन से जोड़ने के अलावा इस ड्रॉफ्ट लेबर कोड में कानून तोड़ने वालों को सजा के रूप में कम्‍युनिटी सर्विस करने का आदेश दिया जा सकता है। अभी तक केवल जुर्माना, जेल या इन दोनों को एक साथ दिया जा सकता है। अगर यह कानून लागू हो जाता है तो सरकार को पेनल्‍टी की राशि बढ़ाने के लिए बार-बार संसद में नहीं आना पड़ेगा। इंफ्लेशन से जोड़ने से यह अपने आप एडजस्‍ट हो जाएगा।

 

इन जगहों पर लागू होगा नया कानून

ड्रॉफ्ट लेबर कोड के तहत जिन 15 सोशल सिक्‍यूरिटी लॉ को लाया जा रहा है उनमें अनआर्गनाइल्‍ड वर्कर्स सोशल सिक्‍योरिटी एक्‍ट 2008, इम्‍प्‍लाइज स्‍टेट इंश्‍योरेंस एक्‍ट 1948, इम्‍प्‍लाइज प्रॉविडेंड फंड एक्‍ट 1952, मैटेरिनिटी बेनेफिट एक्‍ट 1961, पेमेंट ऑफ ग्रेच्‍युटी एक्‍ट 1972 और अन्‍य कुछ कानून इसके तहत लाए जाएंगे।

 

इस साल की शुरुआत में लेबर मिनिस्‍टर ने इस बिल को सर्कुलेट कर इस पर कमेंट मांगे थे। अभी ड्रॉफ्ट लाॅ कान्सल्टेशन स्‍टेज में है। इस कोड में सेक्‍शन 161 के तहत सरकार नोटिफिकेशन के माध्‍यम से कंज्‍यूमर प्राइज इंडेक्‍स के आधार पर घटा या बढ़ा सकती है।

 

कम्‍युनिटी सर्विस का प्रावधान

कोड के अनुसार, इसमें कम्‍युनिटी सर्विस करने का आदेश का प्रावधान जोड़ा गया है। इसके तहत अनपेड काम करना पड़ेगा। ये आदेश कोर्ट दे सकती है। जिन मामलों में जेल की सजा दो साल से कम की है वहां पर कोर्ट इस तरह का आदेश दे सकती है। ऐसे आदेश न मामने वालों पर 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है या उनको 6 महीने के जेल की सजा दी जा सकती है। अगर जज चाहे तो दोनों सजा एक साथ दे सकता है।

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