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भारत को ऐसे चपत लगाता है सऊदी, महंगा तेल बेचकर कमाता है अरबों

क्रूड पर प्रति बैरल 2-3 डॉलर वसूलता है एशियाई प्रीमियम

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नई दिल्ली. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (saudi prince Mohammad Bin Salman Al Saud) भारत के दौरे पर हैं। भारत सरकार सऊदी अरब के अपने मजबूत सहयोगी होने का दावा करता रहा है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि यह अरब देश लंबे समय से महंगा तेल बेचकर चपत लगाता रहा है। दरअसल सऊदी अरब भारत सहित एशिया देशों से ‘एशियाई प्रीमियम’ (Asian Premium) के नाम पर प्रति बैरल 2-3 डॉलर ज्यादा वसूलता रहा है। इस तरह से वह भारत को महंगा तेल बेचकर हर साल हजारों करोड़ रुपए की कमाई करता रहा है।

 

सऊदी ने कमाए लगभग 5 हजार करोड़ रु

सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान (saudi prince Mohammad Bin Salman Al Saud) के दौरे से पहले यह चर्चा भी थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे ‘एशियाई प्रीमियम’ (Asian Premium) हटाने की मांग कर सकते हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि मोदी ने सऊदी प्रिंस से इस पर बात की या नहीं। दरअसल सऊदी अरब, भारत की तुलना में अमेरिका और यूरो जोन के देशों को क्रूड की बिक्री पर 2-3 डॉलर कम कीमत पर तेल बेचता है।


गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2017-18 में सऊदी अरब ने भारत को तेल बेचकर लगभग 1 लाख करोड़ रुपए की कमाई की। ऐसे में एशियाई प्रीमियम (2-3 डॉलर प्रति बैरल या लगभग 5 फीसदी) के हिसाब से अरब देश ने भारत से लगभग 5 हजार करोड़ रुपए ज्यादा वसूले।

 

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जरूरत का 80 फीसदी तेल आयात करता है भारत

भारत सरकार लंबे समय से क्रूड उत्पादक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) से क्रूड के भेदभावपूर्ण प्राइस मैकेनिज्म को खत्म करने की मांग करती रही है। गौरतलब है कि भारत एनर्जी की 80 फीसदी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। इसलिए एशियाई प्रीमियम का भारत पर खासा बोझ पड़ता है। इराक और ईरान के बाद सऊदी अरब भारत के लिए क्रूड का तीसरा बड़ा सप्लायर है। भारत, सऊदी अरब से औसतन 2.5 करोड़ बैरल प्रति महीना तेल का आयात करता है। 

 

 

नरेंद्र मोदी पहले भी उठा चुके हैं यह मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर में जी-20 समिटी से इतर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के साथ अपनी पिछली मीटिंग में भी यह मुद्दा उठाया था। तब सऊदी अरब ने अमेरिका द्वारा ईरान पर प्रतिबंध की स्थिति में भारत की एनर्जी सिक्युरिटी को बरकरार रखने का भरोसा दिलाय था। क्राउन प्रिंस ने कहा था कि वह भारत की बढ़ती क्रूड डिमांड की भरपाई करने के लिए तैयार है। हालांकि एशियाई प्रीमियम पर सऊदी की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
सऊदी अरब, भारत का चौथा बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान भारत और सऊदी अरब के बीच बाईलेटरल ट्रेड 27.48 अरब डॉलर रहा था। अप्रैल, 2018 से नवंबर, 2018 के बीच यह आंकड़ा 23.24 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।

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