Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

मोदी पहुंचे चीन, जि‍नपिंग के साथ की शिखर सम्‍मेलन की शुरुआत रेलवे यात्री को देती है 10 लाख का इंश्‍योरेंस, क्‍लेम के लि‍ए करें ये काम LIC ऑफिस जाने की जरूरत नहीं, बस एक क्लिक से हो जाएंगे सारे काम FY-2017-18 में रहा 7.41 लाख करोड़ का GST कलेक्शन, राज्यों के बीच कम हुआ रेवेन्यू गैप टाटा मोटर्स ने एक साथ लांच किए 14 ट्रक, जानें दाम, दम और खूबि‍यां 499 रुपए में मि‍ल रहे हैं 1400 के ब्रांडेड शूज, Reebok से लेकर Nike तक हैं ऑप्‍शन RIL के नतीजों से पहले मार्केट में तेजी, सेंसेक्स 307 अंक मजबूत, निफ्टी 10700 के पार शुक्रवार के कारोबार के लिए इंट्रा डे टिप्स, इन शेयरों में मिल सकता है अच्छा रिटर्न रुपए में गिरावट, 8 पैसे कमजोर होकर 66.83 प्रति डॉलर के भाव पर खुला खास खबर: दबाव नहीं जरूरत करा रही मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, ये है पीछे का सच TCS-इंफोसिस के नतीजों से IT सेक्टर में टर्नअराउंड के संकेत, इस साल तेज ग्रोथ की उम्मीद PAN और आधार को लिंक कराने से नहीं घटेंगे स्‍कैम, वकील ने SC में दिया तर्क LIC ने बनाया न्‍यू प्रीमियम एकत्र करने का रिकॉर्ड 1.35 लाख करोड़ रुपए जुटाया IDBI बैंक लोन घोटाले में दो बैंकों के CEO पर मुकदमा दर्ज, CBI का एक्‍शन एक्सिस बैंक को Q4 में 2189 करोड़ का हुआ घाटा, प्रोविजनिंग 3 गुना बढ़ी
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyइकोनॉमी को मापने के लिए GDP मॉडल पर लौटा RBI, GVA को ठंडे बस्ते में डाला

इकोनॉमी को मापने के लिए GDP मॉडल पर लौटा RBI, GVA को ठंडे बस्ते में डाला


मुंबई. रिजर्व बैंक (आरबीआई) ग्रोथ अनुमान जारी करने के लिए फिर से ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) आधारित मेथडोलॉजी से ग्रॉस डॉमेस्टिक प्रोडक्ट (जीडीपी) की ओर लौट आया है। आरबीआई ने इसके पीछे ग्लोबल प्रैक्टिसेस का हवाला दिया। गौरतलब है कि सरकार ने जनवरी, 2015 से जीवीए मेथडोलॉजी के इस्तेमाल से ग्रोथ एस्टीमेट्स का विश्लेषण शुरू किया था और साथ ही जनवरी से बेस ईयर को बदलकर 2018 कर दिया था।

 

 

जीडीपी मॉडल इंटरनेशन प्रैक्टिस के अनुरूप
जहां जीवीए से प्रोड्यूसर साइड या सप्लाई साइड से इकोनॉमिक एक्टिविटी की सही तस्वीर सामने आती है, वहीं जीडीपी मॉडल कंज्यूमर साइड या डिमांड के संदर्भ में तस्वीर पेश करता है। मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू के बाद रिपोर्टर्स से बातचीत में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कहा कि जीडीपी की तरफ रुख करना काफी हद तक इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप है। 

 

क्रॉस कंट्री तुलना होती है आसान

आचार्य ने कहा, ‘वैश्विक स्तर पर अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं का आकलन जीडीपी के आधार पर किया जाता है। मल्टीलेटर इंस्टीट्यूशंस, इंटरनेशनल एनालिस्ट्स और इन्वेस्टर्स द्वारा भी इसी प्रैक्टिस को अपनाया जाता है। वे सभी इसी नॉर्म को फॉलो कर रहे हैं, क्योंकि इससे क्रॉस कंट्री तुलना करना आसान होता है।’ उन्होंने कहा कि सेंट्रल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (सीएसओ) ने इस साल 15 जनवरी से इकोनॉमिक एक्टिविटीज के आकलन के लिए जीडीपी का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

 

रेपो रेट 6% पर बरकरार 

भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को मॉनिटरी पॉलिसी रिव्‍यू में पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। वित्‍त वर्ष 2018 19 की पहली मॉनिटरी पॉलिसी रिव्‍यू मीटिंग में रिजर्व बैंक ने महंगाई बढ़ने की आशंका को ध्‍यान में रखते हुए पॉलिसी रेट में बदलाव न करने का फैसला किया है।  मौजूदा वित्‍त वर्ष की पहली मॉनिटरी पॉलिसी के मुताबिक रेपो रेट 6 फीसदी पर बरकरार है। रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी के स्‍तर बनी हुई है और बैंक रेट 6.25 फीसदी है।

 

घट सकती है महंगाई 

रिजर्व बैंक ने वित्‍त वर्ष 2018- 19 के लिए उपभोक्‍ता मूल्‍य सुचकांक पर आधारित महंगाई दर का अनुमान में संशोधन किया है। इसके तहत 2018- 19 की  पहली छामाही में महंगाई की अनुमानित दर 4.7 फीसदी से 5.1 फीसदी रह सकती है जबकि दूसरी छमाही में महंगाई की दर 4.4 फीसदी रहने का अनुमान है। 

 

GDP ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान 

मॉनिटरी पॉलिसी में वित्‍त वर्ष 2018 18 में जीडीपी ग्रोथ मजबूत हो कर 7.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। इसके तहत पहली छमाही में जीडीपी ग्रोथ की दर 7.3 फीसदी से 7.4 फीसदी की रेंज में और दसरी छमाही में 7.3 से 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है। 

 

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.