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सी प्‍लेन से मोदी ने भरी उड़ान, गुजरात में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्‍मीद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात में पहली बार सी प्लेन से उड़ान भरेंगे।

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अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी देश के पहले व्‍यक्ति बन गए हैं, जिन्‍होंने सीप्‍लेन (पानी में उतरने वाले हवाई जहाज) अाधिकारिक यात्रा की। उन्‍होंने मंगलवार को अहमदाबाद में साबरमती नदी से उड़ान भरी और धरोई पहुंचे। इसके बाद सड़क मार्ग से वह अंबाजी मंदिर पहुंचे और दर्शन इसी तरह यात्रा कर वापस आए। मोदी ने कल यहां एक चुनावी सभा के दौरान इस बात की जानकारी भी दी थी। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का कहना है कि उनकी इस सी प्लेन की यात्रा से राज्‍य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

 
 
मोदी ने सोमवार को स्वयं एक सभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रोड शाे की मंजूरी नहीं मिलने के चलते उन्‍हें सीप्‍लेन से यात्रा करनी पड़ सकती है। वह बतौर प्रधानमंत्री पहली बार अंबाजी मंदिर जाना चाहते हैं, जिसके लिए सी प्लेन का इस्तेमाल किया जाएगा।
 
 
 
 
जापानी कंपनी से सीप्‍लेन का उत्‍पादन देशमें शुरू करने को कहा
 
दूर दराज के क्षेत्राें में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ट्रांसपोर्ट मिनिस्‍टर गडकरी ने जापानी कंपनी से भारत में सीप्‍लेन बनाने को कहा है। जापानी कंपनी सिटॉची ने इन प्‍लेन का सफलतापूर्वक ट्रायल करके दिखाया है। सरकार तीन माह के अंदर ऐसे सीप्‍लेन की उड़ान के लिए नियमों को अंतिम रूप देगी। फिलहाल देश में इन प्‍लेन के लिए कोई नियम नहीं हैं, जबकि अमेरिका, कनाना और जापान सहित कई देशों में अलग से नियम हैं।
 
गडकरी ने मदद का भरोसा दिलाया
ट्रांसपोर्ट मिनिस्‍टर नितिन गडकरी ने कहा कि हमने जापानी कंपनी से कहा है कि वह देश में मेक इन इंडिया के तहत यह विमानाें केा बनाए। इस काम में हम पूरा सहयोग करेंगे। उन्‍होंने बताया कि नागपुर में इस काम के लिए जगह उपलब्‍ध है। यहां पर आप सीप्‍लेन का निर्माण शुरू कर सकते हैं।
 
सीप्‍लेन के दूसरे चरण का हुआ ट्रायल
सीप्‍लेन के दूसरे चरण के ट्रायल के दौरान गडकरी ने यह जानकारी दी। यह ट्रायल शहर की गिरगाउम चौपट्टी पर हुआ। इस ट्रायल को स्‍पाइस जेट ने पूरा किया। इसमें जापानी कंपनी के 10 सीटर कोडिअक क्‍वैस्‍ट 1000 सीप्‍लेन ने भाग लिया। इसके सफल ट्रायल के बाद उन्‍होंने कहा कि ऐसे विमानों के लिए देश बड़ा बाजार है, और इनके देश में निर्माण से लागत में कमी आएगी।
 
तीन माह में इसके लिए तय हो जाएंगे नियम
उन्‍होंने इस दौरान जानकारी दी कि सीप्‍लेन के लिए 3 माह के अंदर नियमों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इन नियमों को सिविल एविएशन मिनिस्‍ट्री फाइनल करेगी। उन्‍होंने बताया कि सिविल एविएशन मिनिस्‍टर इनको सीप्‍लेन करते हैं, जबकि हम इसे फ्लाइंग वोट कहते हैं। उन्‍होंने थोड़ा मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर यह सीप्‍लेन हैं तो यह सिविल एविएशन मिनिस्‍ट्री के कंट्रोल में आते हैं, लेकिन अगर यह फ्लाइंग वोट हैं तो मेरे कंट्रोल में आते हैं। उन्‍होंने बताया कि अमेरिका, कनाडा और जापान जैसे देशों में इनके लिए अगल से नियम हैं।
 
स्‍पाइस जेट खरीद सकती है 100 सीप्‍लेन
देश की विमान कंपनी स्‍पाइस जेट की योजना ऐसे 100 सीप्‍लेन खरीदने की है। इनकी अनुमानित लागत करीब 40 करोड़ अमेरिकी डालर होगी। कंपनी को लगता है कि इससे रीजनल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।
 
 
 

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