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जनवरी से बढ़ेंगे नौ‍करियों के अवसर और मिलेगा अच्‍छा पे हाइक: एक्‍सपर्ट्स

अगर आपमें राइट टेलेंट है तो उम्‍मीद कर सकते हैं कि 2018 में अच्‍छा वेतन मिलेगा।

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नई दिल्‍ली. अगर आपमें राइट टेलेंट है तो उम्‍मीद कर सकते हैं कि 2018 में अच्‍छा वेतन मिलेगा। हालांकि वर्ष 2017 में लोगों को छंटनी का सामना करना पड़ा था। इस छंटनी कारण नोटबंदी को माना गया और बाद में नौकरियों पर संकट के बादल आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) के चलते छा गए थे। जानकाराें ने अनुमान जताया है कि न सिर्फ नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि वेतन में भी 15 फीसदी बढ़ोत्‍तरी की उम्‍मीद 2018 में की जा सकती है।

 

 

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राइट टेलेंट में छिपी हैं कई बातें

HR एक्‍सपर्ट्स के अनुसार राइट टेलेंट का मतलब है कि अपने को रि स्किल किया है या नहीं। यह रि स्किलिंग बदलते हुए हालात और चुनौतियों के मद्देनजर होनी चाहिए। हालांकि इन एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि कार्पोरेट्स रेशनलाइजेशन के नाम पर कुछ कदम उठा सकते हैं। हालांकि ज्‍यादातर हायरिंग कंपनियों के अनुसार 2018 नौकरियों के लिहाज से अच्‍छा रहेगा। इस अंदाजा बीते तिमाही के आंकड़ों से मिल रहा है। हालांकि इसके पहले की लगातार तीन तिमाहियों में इस आंकड़े में गिरावट ही दिखाई दे रही थी।

 

20 फीसदी कंपनियों ने 2017 में बढ़ाए कर्मचारी

आंकड़ों के विश्‍लेषण के बाद पता चलता है कि वर्ष 2017 में 20 फीसदी कंपनियों ने ही अपने कर्मचारियों की संख्‍या में इजाफा किया है। वहीं 60 फीसदी कंपनियों में कर्मचारियों की संख्‍या में कोई परिवर्तन नहीं देखा गया।

 

आईटी और टेलीकाम में सबसे ज्‍यादा छंटनी

सबसे ज्‍यादा छंटनी आईटी, मैन्‍युफैक्‍चरिंग, इंजीनियरिंग और बैंकिंग सेक्‍टर में देखने में मिली। इसका कारण नोटबंदी को माना जा रहा है। इसके चलते कंपनियों ने वेट एंड वॉच की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया। लेकिन सितंबर तिमाही में इसमें पॉजिटिव असर दिखना शुरू हुआ।

 

मैनपॉवर का अनुमान

देश की बड़ी हायरिंग कंपनियों में से एक मैनपॉवर का कहना है कि भारत की जीडीपी में गिरावट के रुख के चलते इस साल के तीन तिमाहियों में हायरिंग के सेंटिमेंट निगेटिव ही रहे। इसने उम्‍मीद जताई है कि अक्‍टूबर दिसंबर तिमाही में पॉजिटिव रुझान रहेगा।

 

सर्वे में भर्ती बढ़ाने का ट्रेंड मिला

इसके सर्वे में संकेत मिले हैं कि अक्‍टूबर दिसबंर तिमाही में हायरिंग में 24 फीसदी की बढ़त रह सकती है। हालांकि हायरिंग में जनवरी से मार्च के दौरान 22 फीसदी की गिरावट दिखी थी। यह गिरावट अप्रैल से जून तिमाही में 19 फीसदी पर आग गई थी, जिसमें जुलाई से सितबंर के बीच गिरावट केवल 16 फीसदी रह गई थी।

 

ज्‍यादा नौकरियां और वेतन बढ़त की उम्‍मीद

जानकारों के अनुसार भर्ती में बढ़त का यह ट्रेंड आगे भी बना रहने की उम्‍मीद है। इनके अनुसार मोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरिंग और स्‍टार्ट अप से ज्‍यादा मांग आने की उम्‍मीद है। इसके अलावा वेतन में बढ़ोत्‍तरी में अच्‍छी उम्‍मीद रखी जा सकती है। जानकारों के अनुसा इस बार 10 से 15 फीसदी तक वेतन बढ़ोत्‍तरी की उम्‍मीद की जा सकती है। 2017 में वेतन में बढ़ोत्‍तरी औसतन 8 से 10 फीसदी रही थी।

 

जानकारों की राय

क्वेस कॉर्प के अध्‍यक्ष अजीत इसाक के अनुसार 2017 सुधार का साल था। छंटनी लेवल में इस साल कमी आई है। एक ओर जहां एग्जिक्युटिव्स के औसत कार्यकाल में बढ़ोतरी हुई है, वहीं उनकी एवरेज टेक होम सैलरी में कमी आई है। एग्जिक्युटिव ऐक्सेस के मैनेजिंग डायरेक्टर रोनेश पुरी के अनुसार '2017 ईको सिस्टम में बदलाव का साल था। पुराने लोगों ने नए लोगों के लिए जगह बनाई। बैकों के बढ़ते एनपीए से होने वाले नुकसान को लेकर कंपनियां हायरिंग करने में सावधानी बरत रहीं हैं। वहीं फीडबैक इन्फ्रा की को-फाउंडर रुमझुम चटर्जी के अनुसार हमलोग 2018 को बेहतर रहने की उम्मीद कर रहे हैं। इसलिए हमने अपनी टीम बड़ी करने का फैसला किया है।

 

 

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