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बिटकॉइन जैसी क्रिप्‍टोकरेंसी पर सरकार ले सकती है बड़ा फैसला, कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट

क्रिप्‍टोकरेंसी पर कमेटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी।

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नई दिल्‍ली. क्रिप्‍टोकरेंसी से जुड़े मामलों को देखने के लिए सरकार ने पिछले साल एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इस बात की जानकारी लॉ मिनिस्‍ट्री के एक सीनियर अफसर ने दी है। इस रिपोर्ट के अध्‍ययन के बाद सरकार बिटकॉइन जैसी क्रिप्‍टोकरेंसी पर बड़ा फैसला ले सकती है। कमेटी को भारत की खुद की क्रिप्‍टोकरेंसी जारी करने जैसे  विषय पर भी विचार करना था। 


नोटबंदी के दौरान क्रिप्‍टोकरेंसी में निवेश की शिकायतें 

कमेटी को क्रिप्‍टोकरेंसी से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार करना था। इसके अलावा भारत की खुद की क्रिप्‍टोकरेंसी पर भी विचार शामिल था। एसोचैम के एक कार्यक्रम में बोलते हुए डिपार्टमेंट ऑफ लीगल अफेयर्स के एडीशनलन सेकेट्री अनादी नाथ मिश्र ने कहा कि सरकार को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि लाेगों ने नोटबंदी के दौरान अपनी ब्‍लैक मनी का क्रिप्‍टोकरेंसी में निवेश किया। उन्‍होंने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि ब्‍लैक मनी के इस निवेश से बिटक्‍वॉइन जैसी क्रिप्‍टोकरेंसी की वैल्‍यू इतनी बढ़ी। उन्‍होंने कहा कि ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि जो लोग अपनी पुरानी करेंसी नहीं बदल पाए उन्‍होंने इसमें निवेश किया। 

 


क्रिप्‍टोकरेंसी में निवेश के हैं खतरे

बिटकॉइन जैसी क्रिप्‍टोकरेंसी का कोई भी आंतरिक मूल्य नहीं है। इसके दाम स्‍पेकुलेशन पर टिके हुए हैं। इसी के चलते इनके दामों में भारी उतार चढ़ाव देखने को मिलता है। उन्‍होंने कहा कि इसीलिए बिटकॉइन या अन्‍य क्रिप्‍टोकरेंसी में निवेश के खतरे जुड़े हुए हैं। उन्‍होंने कहा कि ऐसे ही खतरे पोंजी स्‍कीम्‍स में निवेश के भी हैं। अचानक ऐसी स्‍कीमें बंद हो जाती हैं जिससे निवेशकों को नुकसान होता है। उन्‍होंने कहा कि क्रिप्‍टोकरेंसी में गलत निवेश के मामले में इनकम टैक्‍स विभाग जांच कर रहा है। इसने कई लोगों को नोटिस भी भेजा है। 


मिसयूज का भी डर 

उन्‍होंने कहा कि बिटकॉइन जैसी क्रिप्‍टोकरेंसी को डिजिटल या इलेक्‍ट्रॉनिक फार्म में ही रखा जा सकता है। इससे जुड़े भी खतरें हैं। इनकी हैकिंग हो सकती है या लोग अपना पासवर्ड भी भूल सकते हैं। इसके अलावा मालवयर अटैक या इसी तरह के अन्‍य खतरें भी इससे जुड़े हुए हैं। 

 

गलत कामों में भी सकता है इसका इस्‍तेमाल
उन्‍होंने कहा कि बिटकॉइन जैसी क्रिप्‍टोकरेंसी के ट्रांजैक्‍शन इनक्रिपटिड होते हैं। इसके चलते इनका गलत कामों में इस्‍तेमाल हो सकता है। इनमें टेरर फंडिग, स्‍मलिंग और ड्रग टैफिकिंग जैसे मामले शामिल हैं। 

 
 

 

 

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