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MAG ही करेगा पनामा लीक के नए खुलासों की जांच, फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने दी जानकारी

फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि 'पनामा पेपर लीक' मामले में ताजा खुलासों के बारे में MAG ही जांच कर रही है।

fresh release of Panama Paper Leaks is looked into by the law enforcement agencies
फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि 'पनामा पेपर लीक' मामले में ताजा खुलासों के बारे में मल्टी एजेंसी ग्रुप (MAG) ही जांच कर रही है। इसमें टैक्‍स डिपार्टमेंट और रिजर्व बैंक भी शामिल हैं। 'पनामा पेपर लीक' खुलासा 4 अप्रैल, 2016 को अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) की तरफ से किया गया था। इसके बाद सरकार ने इस मामले की जांच के लिए MAG का गठन किया था।
 
नई दिल्ली. फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि 'पनामा पेपर लीक' मामले में ताजा खुलासों के बारे में मल्टी एजेंसी ग्रुप (MAG) ही जांच कर रही है। इसमें टैक्‍स डिपार्टमेंट और रिजर्व बैंक भी शामिल हैं। 'पनामा पेपर लीक' खुलासा 4 अप्रैल, 2016 को अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) की तरफ से किया गया था। इसके बाद सरकार ने इस मामले की जांच के लिए MAG का गठन किया था।
 
 
करोड़ों दस्‍तावेज हुए थे सार्वजनिक
इस रिपोर्ट के अनुसार 1 करोड़ 20 लाख दस्‍तावेज को सार्वजनिक किया गया हैं, जिसमें से लगभग 12,000 भारतीयों से जुड़े हुए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि गुरुवार को पनामा पेपर लीक्स के तहत जारी नई जानकारी पर विभाग ने MAG को कहा है। पहले भी यह ग्रुप 426 लोगों से जुड़े पनामा पेपर लीक की जांच कर रहा है, जिसमें आयकर विभाग और MAG की अन्य सदस्य एजेंसियों जुड़ी हुई हैं।
 
74 मामले कार्रवाई के योग्‍य पाए गए
इनमें से 74 मामलों को कार्रवाई के योग्य पाया गया है। इसके अलावा 62 मामलों में से 50 में सर्च जैसी कार्रवाई की गई। वहीं 12 मामलों में किए गए सर्वेक्षण में 1,140 करोड़ रुपये के अनजान विदेशी निवेश की पहचान भी हुई है। 16 मामलों में अदालतों में क्रिमिनल प्रॉजिक्‍यूशन कंप्‍लेन दर्ज की गई है। यह मामले सुनवाई के विभिन्न चरणों में हैं। इसके अलावा ब्लैक मनी एक्ट की धारा 10 के तहत 32 मामलों में नोटिस भी जारी किए गए हैं।
 

 

जांच में काफी दिक्‍कतों का सामना करना पड़ा

वित्‍त मंत्रालय ने कहा है कि जांच एजेंसियों को अपूर्ण डेटा और कम वित्तीय जानकारी के साथ-साथ अन्य देशों से सहयोग के समय समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद भी इस जांच का नतीजा काफी संतोषजनक है। सरकार ने आश्‍वासन दिया है कि पनामा पेपर लीक के ताजा दस्‍तावेजों की जांच भी पूरी तेजी से की जाएगी। मंत्रालय के अनुसार यह जांच भी उचित समय-सीमा के अंदर प्रभावी ढंग होगी।

 

 

कई जांच एजेंसियों ने एक साथ की जांच

अप्रैल 2016 में, सरकार ने केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष के निर्देशन में MAG का  गठन किया था। इामें आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ED), वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) और रिज़र्व बैंक भारत (RBI) को शामिल किया गया था।

 
 

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