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पेट्रोल-डीजल पर 15% तक ड्यूटी घटाएं राज्य, दे सकते हैं केंद्र से ज्यादा राहतः नीति आयोग

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि राज्यों के पास पूरी क्षमता है और उन्हें पेट्रोल पर ड्यूटी घटानी चाहिए।

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नई दिल्ली. नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि राज्यों के पास पूरी क्षमता है और उन्हें पेट्रोल पर ड्यूटी घटानी चाहिए। वहीं केंद्र को तेल की कीमतों में तेजी के असर से निपटने   के लिए फिस्कल     स्पेस क्रिएट करना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में तेजी के चलते सरकार के स्वामित्व वाली तेल कंपनियों को लगातार 11वें दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ानी पड़ी थीं। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल 77.47 रुपए और डीजल 68.53 रुपए प्रति लीटर है।

 

 

पेट्रोल पर ज्यादा फायदे में हैं राज्य

कुमार ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘ड्यूटीज घटाने का फायदा होगा, लेकिन ऐसा केंद्र और राज्य दोनों को करना चाहिए। फिलहाल राज्य तेल की कीमत पर टैक्स वसूलते हैं। इसलिए राज्य ज्यादा और केंद्र सरकार से ज्यादा कटौती कर सकते हैं।’

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घटा सकते हैं 15 फीसदी तक ड्यूटी

कुमार के मुताबिक, राज्यों के लिए ड्यूटी में 10 से 15 फीसदी की कटौती अहम है और उतनी धनराशि लें जितना टैक्स रेवेन्यू बजट में तय किया गया है। कुमार ने कहा, ‘ऐसा नहीं करके वह न सिर्फ आम आदमी, बल्कि इकोनॉमी की कीमत पर लालची हो रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि राज्य पेट्रोल पर औसतन 27 फीसदी टैक्स वसूलते हैं।

 

 

बीते साल सरकार को मिला अच्छा रेवेन्यू

केंद्र सरकार के संबंध में नीति आयोग के वाइस चेयरमैन ने कहा कि उन्हें तेल की बढ़ती कीमतों की समस्या से पार पाने के लिए काम करने की जरूरत है। कुमार ने जोर देकर कहा, ‘केंद्र के पास गुंजाइश है और वह गैर कर रेवेन्यू के लिहाज से ज्यादा काम कर सकते हैं। बीते साल हमने अच्छा काम किया था। हमने बजट टारगेट से ज्यादा हासिल किया था। इस साल मई में भी हम ऐसा कर सकते हैं।’

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इन्फ्रास्टक्चर सेस में नहीं हो बदलाव

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र पेट्रोल पर अतिरिक्त एक्साइस ड्यूटी में कटौती पर विचार कर सकता है। कुमार ने कहा कि सरकार को इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस को नहीं छूना चाहिए, जिसे विकास से जुड़े कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न सिर्फ पेट्रोल, बल्कि बिजली को गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) के दायरे में लाया जाना चाहिए।

सरकार ने ग्लोबल मार्केट में क्रूड की कीमतों में नरमी का फायदा उठाने के लिए नवंबर, 2014 से जनवरी, 2016 के बीच 9 बार एक्साइस ड्यूटी में बढ़ोत्तरी की थी, हालांकि उसने सिर्फ एक बार बीते साल अक्टूबर में 2 रुपए लीटर टैक्स घटाया था। केंद्र सरकार एक लीटर पेट्रोल पर 19.48 रुपए प्रति लीटर एक्साइस ड्यूटी वसूलती है।

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