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मोदी सरकार का बड़ा दांव, एक झटके में बचा लिए 70 हजार करोड़ रुपए

पब्लिक को भी होगा बड़ा फायदा, मिलेगा ज्यादा रिटर्न

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार का एक फैसला इतना कारगर रहा कि उससे सरकार को एक झटके में 70 हजार करोड़ रुपए में बचाने में कामयाबी मिली है। यह एक ऐसा फैसला रहा, जिससे देश की जनता को भी अच्छा फायदा होने जा रहा है। अब जनता को अपनी बचत पर ज्यादा अच्छे ब्याज की गारंटी मिली है। दरअसल सरकार ने हाल में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए स्माल सेविंग्स डिपॉजिट स्कीम्स के लिए ब्याज दरों में इजाफा किया था। इसका सरकार को दूसरी तरह से फायदा मिलने जा रहा है।

 

 

सरकार ने स्मॉल सेविंग्स के लिए बढ़ाईं ब्याज दरें

लगभग एक सप्ताह पहले ही केंद्र सरकार ने छोटे निवेशकों को बड़ा तोहफा  देते हुए सभी तरह की स्मॉल सेविंग डिपॉजिट स्कीम्स पर मिलने वाले ब्याज को बढ़ा दिया है। सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के तीसरे क्वार्टर (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीमों के लिए ब्याज दरों में संशोधन करने का ऐलान किया। PPF, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि अकाउंट जैसी विभिन्न स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर अब 0.40 फीसदी तक ज्यादा ब्याज मिलेगा। इसके साथ ही टाइम डिपॉजिट (TD) , रेकरिंग डिपोजिट (RD),सीनियर सिटिजन सेविंग अकाउंट, मंथली इनकम अकाउंट, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के लिए भी ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की गई। 

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ऐसे बचेंगे सरकार के 70 हजार करोड़ रुपए 
इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि लोगों को अब अपनी स्माल सेविंग्स पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा। वहीं अब सरकार को बाजार से 70 हजार करोड़ रुपए कम कर्ज लेना होगा। सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी छमाही के अपने उधारी कार्यक्रम की डिटेल देते समय यह ऐलान किया। सरकार ने कहा कि वित्त वर्ष के लिए उसका उधारी कार्यक्रम 6.05 लाख करोड़ रुपए का रह गया है, जो पहले की तुलना में 70 हजार करोड़ रुपए कम हो गया है। उन्होंने कहा, ‘चूंकि हमारा फिस्कल डेफिसिट अभी तक प्रभावित नहीं हो रहा है, इसलिए हमने अपने सकल उधारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया है।’

वित्त मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार मार्च, 2019 में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी की तुलना में 3.3 फीसदी फिस्कल डेफिसिट के टारगेट को हासिल कर लेगी। 

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दूसरी छमाही में सरकार लेगी 2.47 लाख करोड़ का कर्ज

आर्थिक मामलों के सचिव एस सी गर्ग ने वित्त वर्ष की शेष छमाही के लिए अपने उधारी कार्यक्रम का ब्योरा देते हुए कहा कि सरकार 2018-19 की अप्रैल-सितंबर छमाही के दौरान 2.88 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 2.47 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई आधारित बॉन्ड लॉन्च करेगी और चालू वित्त वर्ष के दौरान इसके एक या दो बॉन्ड जारी किए जाएंगे। 

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स्माल सेविंग्स ने बढ़ाया सरकार का भरोसा 

गर्ग ने कहा, ‘हालांकि हमने अपने बायबैक प्रोग्राम पर फिर से विचार किया था, क्योंकि हम स्माल सेविंग्स से ज्यादा फंड आने की उम्मीद करते हैं। इसलिए हमने वर्ष के लिए अपने कुल उधारी कार्यक्रम में 70 हजार करोड़ रुपए की कमी लाने का फैसला किया है।’ राजस्व और खर्च में अंतर या फिस्कल डेफिसिट की भरपाई करने के लिए बाजार से उधार लिया जाता है।

सचिव ने कहा कि सरकार किसी अन्य माध्यम से फिस्कल डेफिसिट की फाइनेंसिंग पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, ‘वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए हमारा उधारी कार्यक्रम पर्याप्त है।’

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