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1 पैसे की बोली ने बिगाड़ दिया मोदी सरकार का प्लान, बदलने पड़े नियम, घरों तक पाइप से गैस पहुंचाने की है योजना

174 जिलों में CNG और PNG पहुंचाने के लिए सिटी गैस लाइसेंस के नौवें राउंड के लिए बिडिंग पूरी हो गई है।

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नई दिल्ली. 174 जिलों में CNG और घरों तक पाइप से नैचुरल गैस (PNG) पहुंचाने के लिए सिटी गैस लाइसेंस के नौवें राउंड के लिए बिडिंग भले ही हाल में पूरी हो गई है। हालांकि सरकार के लिए इसकी राह आसान नहीं रही। इससे पिछले राउंड्स में एक कंपनी द्वारा लगाई गई महज 1 पैसे की बिडिंग ने सरकार का पूरा खेल ही बिगाड़ दिया था और सरकार नियम बदलने के लिए मजबूर हो गई। इसके बाद सरकार ने नए नियमों के आधार पर इस साल मई में नौवें राउंड की बिडिंग को आगे बढ़ाया।

 

 

1 पैसे की बिड ने बिगाड़ दिया खेल

गौरतलब कि शुरुआती 8 राउंड्स में बिडर्स से पाइपलाइन के लिए टैरिफ का उल्लेख करने के लिए कहा जाता था, जिससे शहरी सीमा के भीतर गैस ले जानी होती है। बिडिंग के उस क्राइटीरिया में उसी पाइपलाइन के इस्तेमाल से गाड़ियों के लिए बेची जाने वाली सीएनजी या घरों को सप्लाई की जाने वाली पाइप्ड नैचुरल गैस का रेट शामिल नहीं था। इसके चलते कंपनियां लाइसेंस हासिल करने के लिए 1 पैसे की बोली लगाने लगीं।  

 

 

जारी करने पड़े नए नियम

पिछली बिडिंग में प्लानिंग बिगड़ने के बाद सरकार को नए नियम जारी करने पड़े। पेट्रोलियम एंड नैचुरल गैस रेग्युलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा अप्रैल में जारी नए नियमों के मुताबिक, कंपनियों को ऑपरेशन के शुरुआती 8 साल के दौरान लगाए जाने वाले सीएनजी स्टेशन और डॉमेस्टिक गैस कनेक्शंस की संख्या के बारे में बताना होगा। सरकार ने कहा था कि सीएनजी आउटलेट्स और पीएनजी कनेक्शन की ऊंची संख्या का इस्तेमाल करने वालों को ज्यादा नंबर दिए जाएंगे।

 

 

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सीएनजी स्टेशन और पीएनजी कनेक्शन संख्या को सबसे ज्यादा नंबर

इसके अलावा, शहर के भीतर सीएनजी और पीएनजी के ट्रांसपोर्टेशन पर वसूले जाने वाले टैरिफ के लिए 10 फीसदी अंक दिए गए हैं, जो पहले लाइसेंस हासिल करने के लिए अहम क्राइटीरिया था।

सीएनजी स्टेशन और पीएनजी कनेक्शंस की संख्या को 70 फीसदी का बिडिंग वेटेज दिया गया है। इसके अलावा, बिडर्स को यह बताना होगा कि लाइसेंस हासिल करने बाद वह कितनी पाइपलाइन बिछाएगा।

 

 

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अडानी, आईओसी, बीपीसीएल में है होड़

नौवें राउंड की बिडिंग 10 जुलाई को पूरी हो गई है। इसके लिए सरकार के स्वामित्व वाले फ्यूल रिटेलर IOC और BPCL के साथ ही अरबपति कारोबारी गौतम अडानी के ग्रुप ने भी बोली लगाई है। नौवें राउंड में 86 शहरों में ऑटोमोबाइल्स के वास्ते सीएनजी और घरों में पाइप्ड कुकिंग गैस की सप्लाई के लिए रिटेलिंग की पेशकश की गई है।

 

 

आईओसी ने लगाईं सबसे ज्यादा बिड

पेट्रोलियम एंड नैचुरल गैस रेग्युलेटरी बोर्ड (PNGRB) द्वारा उपलब्ध कराई गई फाइनल बिडिंग से संबंधित जानकारी के मुताबिक, आईओसी ने 34 शहरों के लिए अकेले और 20 अन्य शहरों के लिए अडानी गैस लिमिटेड के साथ बिडिंग की है। वहीं, अडानी गैस ने अकेले दम पर 32 शहरों के लिए बिडिंग की है।

 

भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (बीपीसीएल) की एक यूनिट भारत गैस रिसोर्सेस लि. ने जहां 53 शहरों के लिए, वहीं सरकार के स्वामित्व वाली एक अन्य गैस यूटिलिटी गेल इंडिया की रिटेलिंग आर्म गेल गैस लिमिटेड ने 34 शहरों के लिए बिडिंग की है।

 

 

मिलीं कुल 400 बिड

गुजरात बेस्ड टॉरंट गैस प्राइवेट लिमिटेड ने 31 शहरों के लिए, वहीं गुजरात गैस लिमिटेड ने 21 एरियाज के लिए बिडिंग की है। भारत की सबसे बड़ी लिक्विफाइड नैचुरल गैस (एलएनजी) इंपोर्टर कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने 7 शहरों के लिए बिडिंग की है। नेशनल कैपिटल रीजन में सीएनजी की रिटेलिंग करने वाली इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने 11 शहरों के लिए बिड लगाई है।  पीएनजीआरबी के मुताबिक ऑफर किए गए कुल 86 परमिट्स के लिए 400 बिड्स मिली हैं।

 

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8 शहरों के लिए लगीं सिंगल बिड

लगभग आठ शहरों के लिए सिंगल बिड मिली हैं। बिहार में औरंगाबाद और मध्य प्रदेश में रीवा के लिए सिर्फ इंडियन ऑयल कॉर्प ने बिड लगाई है। इसी प्रकार ओडिशा में बालासोर के लिए अडानी गैस, ओडिशा में ही गंगन के लिए गेल गैस, कर्नाटक में बीदर और उत्तर प्रदेश में अमेठी के लिए भारत गैस रिसोर्सेस लिमिटेड, उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के लिए आईओसी-अडानी ने मिलकर और गुजरात में नर्मदा के लिए गुजरात गैस ने बोली लगाई है।  


 

3 जिलों के लिए सबसे ज्यादा 15 बिड

सबसे ज्यादा होड़ श्रीकाकुलम, विशाखापट्टनम, विजयनगरम जिलों के लिए है, जिनके लिए 15 बिड मिली हैं। देश के अब तक के सबसे बड़े सीजीडी लाइसेंसिंग राउंड के लिए बिडिंग 10 जुलाई को खत्म हो गई। बिड राउंड में 22 राज्यों में 174 जिलों के लिए 86 परमिट जारी किए जाने हैं। एस्सेल इन्फ्राप्रोजेक्ट्स ने कुल 7 बिड लगाई हैं।


 

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इन कंपनियों ने भी लगाई बिड

अन्य बिडर्स में महानगर गैस लिमिटेड, एच एनर्जी, यूनीसन एनविरो प्राइवेट लिमिटेड, आईएमसी लिमिटेड, असम गैस, थिंक गैस इन्वेस्टमेंट, एजीएंडपी एलएनजी मार्केटिंग, आईआरएम एनर्जी और एनरटेक फ्यूल सॉल्यूशंस शामिल हैं। पीएनजीआरबी ने 10 जुलाई को कहा था कि पहले बिड्स को अक्टूबर तक अंतिम रूप दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन आगे इस प्रोसेस को तेज करने की कोशिश की जाएगी।


 

70 हजार करोड़ रु का होगा निवेश

पीएनजीआरबी ने कहा, ‘इस पहल से व्यापक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद मिलेगी और इस पर 70,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा, रोजगार पैदा होंगे और गैस बेस्ड इकोनॉमी की तरफ शिफ्ट होने में मदद मिलेगी।’

 
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