मोदी सरकार का बड़ा दांव, पाकिस्तानियों के पैसे से भरेंगे खजाना

रुपए में कमजोरी और कच्चे तेल की महंगाई से बड़ी मुसीबत में फंस चुकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार अब बड़ा दांव चलने जा रही है। मोदी सरकार ने अपना खजाना भरने के लिए ‘शत्रु संपत्ति’ (enemy shares) बेचेगी। दरअसल शत्रु संपत्ति उन लोगों की संपत्ति है जो 1947 में विभाजन के समय भारत में अपनी जमीन जायदाद छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे।

moneybhaskar

Nov 09,2018 02:51:00 PM IST

नई दिल्ली. रुपए में कमजोरी और कच्चे तेल की महंगाई से बड़ी मुसीबत में फंस चुकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार अब बड़ा दांव चलने जा रही है। मोदी सरकार ने अपना खजाना भरने के लिए ‘शत्रु संपत्ति’ (enemy shares) बेचेगी। दरअसल शत्रु संपत्ति उन लोगों की संपत्ति है जो 1947 में विभाजन के समय भारत में अपनी जमीन जायदाद छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे।

मिल सकते हैं 3 हजार करोड़ रुपए

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस संपत्ति की कीमत लगभग 3,000 करोड़ रुपए है, जिसे भारत ‘इनेमी प्रॉपर्टीज’ करता है। यह संपत्ति उन लोगों से संबंधित है, जो पाकिस्तान और चीन में जा चुके हैं। इन दोनों देशों से भारत की जंग भी हो चुकी है।

एक बार यदि कोई भारतीय इन दोनों में से किसी देश का नागरिक बन जाता है तो उन्हें ‘शत्रु’ माना जाता है और जमीन-घर के साथ ही उनके शेयरों सहित हर तरह की संपत्ति को सीज कर लिया जाता है। यह संपत्ति कस्टोडियम ऑफ इनेमी प्रॉपर्टी ऑफ इंडिया के पास रहती है।

आगे पढ़ें-क्यों मजबूर हो गई मोदी सरकार

 

मोदी सरकार के सामने ‘घाटा’ बढ़ने का संकट

दरअसल, बीते एक साल में डॉलर की तुलना में रुपया खासा कमजोर हो चुका है। इससे भारत में इम्पोर्ट खासा महंगा हो गया है। वहीं क्रूड की कीमतों में बढ़ोत्तरी से तेल का इम्पोर्ट बिल भी बढ़ता जा रहा है। इससे सरकार को रेवेन्यू बढ़ाने के दूसरे ऑप्शन तलाशने पड़ रहे हैं। ऐसी भी खबरें आईं कि सरकार, आरबीआई से उसके रिजर्व से 3.6 लाख करोड़ रुपए की डिमांड कर चुकी है। इसको लेकर देश में खासा विवाद बना हुआ है।

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने तो हाल में यह भी कहा कि सरकार फिस्कल डेफिसिट के संकट को देख रही है और चुनावी साल में खर्च बढ़ाने के लिए आरबीआई के सामने हाथ फैला रही है।

आगे पढ़ें-इनेमी शेयर बेचनो को दी मंजूरी

 

कैबिनेट ने दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार इनेमी प्रॉपर्टी एक्ट, 1968 को लगातार सख्त बनाती जा रही है। यहां तक कि सरकार पीछे छूट गए कानूनी वारिसों को भी इसके दायरे में ले आई है। सरकार ने एक बयान में कहा कि मोदी कैबिनेट ने गुरुवार को 996 कंपनियों में 20,323 शेयरहोल्डर्स के शेयरों को बेचने की योजना को मंजूरी दे दी, जिन्हें इनेमी शेयर माना जाता है। सरकार ने कहा कि इनमें स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड 139 कंपनियों सहित 588 कंपनियां एक्टिव हैं।

 
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