Home » Economy » Policyये 3 गलतियां करा देती हैं इंश्‍योरेंस क्‍लेम रिजेक्‍ट - These 3 mistakes make the insurance claim rejection

LIC से नहीं मिलेगा क्‍लेम, अगर की हैं ये 3 गलतियां

कई बार जाने अनजाने लोग ऐसी गलती कर देते हैं जिससे बाद में घर वालों को बीमा क्‍लेम नहीं मिल पाता है।

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नई दिल्‍ली. बीमा किसी मुसीबत के वक्‍त मदद के लिए खरीदा जाता है, लेकिन कई बार जाने अनजाने लोग ऐसी गलती कर देते हैं जिससे बाद में घर वालों को क्‍लेम नहीं मिल पाता है। इसलिए जरूरी है कि बीमा कराते वक्‍त कुछ सावधानियां रखनी चाहिए। कई बार प्रीमियम बचाने के लिए एजेंट भी गलत सलाह दे देते हैं। इसलिए जरूरी है लोग जब बीमा के लिए फार्म भरा जा रहा हो तो पूरी जानकारी दें। 

 

 

बीमा रिजेक्‍ट होने के आंकड़ों पर डाले नजर 

बीमा नियामक प्राधिकरण इरडा हर साल बीमा दावों के रिजेक्‍ट होने के आंकड़े जारी करता है। पिछले वित्‍त वर्ष में जहां एलआईसी ने 0.58 फीसदी बीमा दावे रिजेक्‍ट किए, वहीं निजी कंपनियों ने 0.97 फीसदी दावे रिजेक्‍ट किए हैं। हर साल बीमा कंपनियों के पास लाखों दावे आते हैं। इरडा के आंकड़ों पर नजर डालने से पता चलता है कि हर साल कई हजार बीमा दावे रिजेक्‍ट हो जाते हैं। कई बार यह दावे मामूली सी चूक के चलते रिजेक्‍ट होते हैं। 

 

 

कैसे बच सकते हैं इससे

बीमा कराते वक्‍त कंपनियां कई जानकारी मांगती हैं। इन जानकारियों को पूरी तरह से नहीं देने के चलते बाद में क्‍लेम रिजेक्‍ट होने की दिक्‍कत बढ़ती है। इसलिए जरूरी है कि बीमा होने के बाद जैसे ही पॉलिसी मिले उसे ध्‍यान से पढ़ें। अगर कहीं भी कमी नजर आए तो बीमा कंपनी को उसे वापस करते हुए सुधवाएं। बीमा कंपनियों नियमत 15 दिन का फ्री लुक पीरियड देती हैं। इन 15 दिनों में लोगों के पास दस्‍तावेज में सुधरवाने के अलावा बीमा नहीं लेने का भी विकल्‍प होता है। 

 

 

सबसे पहले ध्‍यान रखने लायक बात 

बीमा कराते वक्‍त सबसे जरूरी होता है कि परिवार की हेल्‍थ की सही जानकारी कंपनी को दें। परिवार के हेल्‍थ की सही जानकारी कंपनियां चाहती हैं। कंपनियां जानना चाहती हैं कि कहीं बीमा कराने वाले के परिवार में किसी को ऐसी तो कोई बीमारी की हिस्‍ट्री नहीं है, जो वंशागत कहलाती है। अगर ऐसा है तो सही जानकारी देने पर भी बीमा कंपनी पॉलिसी देती है, लेकिन प्रीमियम थोड़ा ज्‍यादा लेती है। लेकिन बताने से फायदा यह होता है कि अगर कभी क्‍लेम की जरूरत पड़ी तो दिक्‍कत नहीं आती है। 

 

 

 

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आगे पढ़ें : और किन बातों का रखना होता है ध्‍यान 

 

अपनी सेहत की भी सही जानकारी दें

बीमा कंपनियां आपकी सेहत की भी सही सही जानकारी चाहती हैं। अगर किसी प्रकार भी बीमारी हो तो उसे फार्म में जरूर लिखना चाहिए। आमतौर पर लोग जिन बातों को छोटा समझते हैं वह बाद में बड़ी बन जाती हैं। इसलिए छोटी से छोटी से बात बीमा कंपनी को जरूर बताना चाहिए। अगर कुछ बीमारी होगी तो भी बीमा कंपनी बीमा देती है, लेकिन थोड़ा प्रीमियम ज्‍यादा ले सकती है। 

 

अपने काम और आमदनी के बारे में सही जानकारी दें

बीमा पॉलिसी लेते वक्‍त अपने काम की सही जानकारी देना चाहिए। इसके अलावा आमदनी के बारे में भी सही सही बताना चाहिए। कई बार लोग ज्‍यादा वैल्‍यू का बीमा लेने के लिए अपनी आमदनी की गलत जानकारी दे देते हैं। अगर कभी क्‍लेम की नौबत आती है तो यह जानकारी रिजेक्‍ट होने का कारण बन सकती है। 

 

 

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