बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyजेटली: 4 साल में नोटबंदी,जीएसटी से ब्लैकमनी पर लगी रोक, 3.3% पर लाएंगे फिस्कल डेफिसिट

जेटली: 4 साल में नोटबंदी,जीएसटी से ब्लैकमनी पर लगी रोक, 3.3% पर लाएंगे फिस्कल डेफिसिट

वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि मोदी सरकार का इरादा फिस्‍कल डेफिसिट को घटाकर 3.3 फीसदी पर लाने का है।

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नई दिल्‍ली. वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि मोदी सरकार का इरादा फिस्‍कल डेफिसिट को घटाकर साल 2018-19 में 3.3 फीसदी पर लाने का है और इस लक्ष्‍य को पा लिया जाएगा। अभी देश का फिस्‍कल डेफिसिट 3.5 फीसदी है। उन्‍होंने कहा कि UPA सरकार   के अंतिम तीन   साल के दौरान इसका स्‍तर अलार्मिंग स्‍तर पर था। उन्‍होंने कहा कि मोदी की सक्षम सरकार के चलते भारत दुनिया में ‘फ्रेंगिल 5’ से ‘ब्राइट स्‍पॉट’ अर्थव्‍यवस्‍था वाला देश बन गया। 


 

फिस्‍कल डेफिसिट 3.3 फीसदी पर लाने की योजना
जेटली ने कहा कि UPA सरकार के दौरान अंतिम तीन वर्षों के दौरान 5.8 फीसदी, 4.8 फीसदी और 4.4फीसदी हो गया था, जो अब घटकर 3.5 फीसदी पर आ चुका है। उन्‍होंने कहा कि सरकार का इरादा इसे घटा कर 3.3 फीसदी पर लाना है। वहीं करंट अकाउंट डिफिसिट (CAD) यूपीए सरकार के दौरान 6.7 फीसदी था, जिसे अब घटा कर 2 फीसदी पर लाया गया है। उन्‍होंने कहा कि UPA सरकार के दौरान खर्च बढ़ाने और उसकी तुलना में कमाई न बढ़ाने जैसी दिक्‍कतें थी, जिन्‍हें अब दूर किया जा रहा है। 


 

स्‍कैम फ्री सरकार 
उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने सिस्‍टम को संस्‍थागत बनाने पर जोर दिया जिससे, मनमानी के फैसलों पर रोक लगी। उन्‍होंने कहा कि पहले ठेके, नेचुरल रिसोर्स का आवंटन और स्‍पैक्‍ट्रम के एलाटमेंट मनमाने तरीके से किए जा रहे थे। लेकिन मोदी सरकार ने इसके लिए मै‍केनिज्‍म तैयार किया और एक साफ सुथरा सिस्‍टम तैयार किया। उन्‍होंने कहा कि जहां जरूरत थी, नियमों को बदला गया, जिसका असर यह है कि अब कारोबारियों को साउथ ब्‍लाॅक से नार्थ ब्‍लॉक का चक्‍कर नहीं लगाना पड़ता है। प्रोजेक्‍ट्स अब पर्यावरण मंजूरी के नाम पर नहीं अटकाए जा रहे हैं। 


 

टैक्‍स कम्प्लाइअन्ट सोसाइटी बनाया
उन्‍होंने कहा कि मोदी सरकार ने इकॉनॉमी को नॉन टैक्‍स कम्प्लाइअन्ट सोसाइटी से टैक्‍स कम्प्लाइअन्ट सोसाइटी में बदला है। सरकार ने GST सहित नोटबदी और कई एेसे कदम उठाए जिससे ब्‍लैक मनी पर रोक लगी, और भारत एक फॉर्मल इकोनॉमी कंट्री बना। बैंकरप्‍सी कोड से बैंक और उनके क्‍लाइंट के बीच रिश्‍तों में बदलाव आया। उन्‍होंने कहा कि अगर लोन लेने वाले ने पैसा नहीं चुकाया है, तो उसके बचने के सारे रास्‍ते बंद कर दिए गए हैं। 

 

 

दुनिया का सबसे बड़ा फाइनेंशियल इन्क्लूश़न प्रोग्राम चलाया 

उन्‍होंने कहा कि पहली बार देश की हिस्‍ट्री में गरीबों और कमजोर तबकों के लोगों को बैंक से जोड़ा गया। इसके लिए दुनिया का सबसे बड़ा फाइनेंशियल इन्क्लूश़न का प्रोग्राम चलाया गया।  मुद्रा स्‍कीम के तहत कमजोर वर्ग के कारोबारियों को सस्‍ता और आसानी से कर्ज उपलब्‍ध कराया गया। उन्‍होंने कहा कि इस स्‍कीम का सबसे ज्‍यादा फायदा महिलाओं स‍हित SC/ST और अल्‍पसंख्‍यक समाज को मिला। 

 

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