Home » Economy » PolicyCVC to take Aadhaar route to detect bureaucratic corruption

आधार से सरकारी तंत्र में करप्शन रोकेगा CVC, प्रॉपर्टी डील और ट्रांजैक्‍शन के लिए होगा जरूरी

अब आधार का इस्तेमाल सरकारी मशीनरी में करप्शन रोकने के लिए किया जाएगा।

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नई दिल्ली. अब आधार का इस्तेमाल सरकारी मशीनरी में करप्शन रोकने के लिए किया जाएगा। सेंट्रल विजिलेंस कमिशन (CVC) ने कहा है कि ब्यूरोक्रेट्स द्वारा किए जाने वाले हर फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और प्रॉपर्टी डील के लिए आधार कार्ड जरूरी किया जाएगा। सीवीसी का मानना है कि इससे करप्ट अधिकारियों द्वारा गलत तरीके से कमाए हुए धन की ट्रैकिंग करना आसान हो जाएगा। 

 

CVC ने पूरी कर ली है तैयारी

सीवीसी का मानना है कि पैन कार्ड और आधार कार्ड के जरिए मिलने वाले इन्फॉर्मेशन के जरिए यह पता करना आसान होगा कि जिस शख्‍स द्वारा फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन या प्रॉपर्टी डील की गई है, वह उसके असल इनकम से मैच करती है या नहीं। इस आधार पर इसकी जांच कर पाना भी आसान होगा। सेंट्रल विजिलेंस कमिश्‍नर केवी चौधरी का कहना है कि इस बारे में हमने कॉसेप्ट पेपर तैयार कर लिया है। अगर जरूरत होगी तो इसके लिए कुछ सॉफ्टवेयर की भी मदद ली जाएगी। वहीं अगर सूचना मिलने के बाद जांच प्रक्रिया में जरूरत पड़ी तो दूसरे डिपार्टमेंट की भी मदद ली जाएगी। 

 

डाटा जुटा पाना आसान होगा
चौधरी का कहना है कि फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और प्रॉपर्टी डील में आधार जरूरी करने से हम इस स्थिति में होंगे कि कुछ सेंट्रलाइज्ड एजेंसी से डाटा जुटाना आसान होगा। अभी सीबीआई या दूसरी जांच एजेंसियों के लिए इस तरह का डाटा जुटा पाना आसान नहीं है। लेकिन आधार जरूरी हो जाने के बाद यह आसान होगा। जिसके बाद जुटाई गई सूचना के आधार पर यह पता करना आसान होगा कि जिस कार्ड होल्डर ने डील की है, क्या उसने अघोषित संपत्ति का इस्तेमाल किया है। 

 

चौधरी ने कहा कि अचल संपत्तियों और स्टॉक से संबंधित फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के आंकड़े इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट या फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) और अन्य सरकारी एजेंसियों के कार्यक्षेत्र में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि आधार को कुछ वित्तीय लेनदेन के लिए अनिवार्य कर दिया गया है, ऐसे में सीवीसी कुछ सेंट्रल एजेंसियों से आंकड़े जुटाने की स्थिति में है। 

 

सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जाएगा
चौधरी के अनुसार ब्लैकमनी पर लगाम लगाने के लिए या करप्पशन फ्री नेशन के लिए इनडिविजुअल व ऑडिटर्स का रोल भी अहम है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पीएनबी फ्रॉड आने के बाद यह अहसास हुआ है कि करप्शन रोकने के लिए सिस्टम में सॉफ्टवेयर की अपनी भूमिका है। ऐसे में हम इस बात की भी तैयारी में हैं कि अगर जरूरत हुई तो खास तरह के सॉफ्टवेयर डेवलप किए जाएंगे। 

 

 

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