विज्ञापन
Home » Economy » PolicyIndustrial output expands 7 pc in June

जून में 4 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची IIP ग्रोथ, 7% बढ़ा इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन

जून का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) के आंकड़े मोदी सरकार को राहत दे सकते हैं।

Industrial output expands 7 pc in June
जून का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) के आंकड़े मोदी सरकार को राहत दे सकते हैं। जून में आईआईपी ग्रोथ 7 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। इसकी वजह माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और पावर जनरेशन के ग्रोथ के आंकड़े रहे हैं। फैक्ट्री आउटपुट का आकलन आईआईपी से किया जाता है।

 

नई दिल्ली. जून का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) के आंकड़े मोदी सरकार को राहत दे सकते हैं। जून में आईआईपी ग्रोथ 7 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले 4 महीनों का उच्चतम स्तर है। इस ग्रोथ की वजह माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और पावर जनरेशन के आंकड़े रहे हैं। मई में इंडस्ट्रियल ग्रोथ का आंकड़ा 3.9 फीसदी ही था और इस कमजोरी की वजह मैन्युफैक्चरिंग और पावर सेक्टर में गिरावट थी।

 

रिवाइस किए मई की आईआईपी ग्रोथ के आंकड़े

सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (CSO) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई के लिए आईआईपी के एस्टीमेट को भी 3.2 फीसदी से रिवाइज करके 3.9 फीसदी कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान अप्रैल-जून अवधि के दौरान आईआईपी की कुल ग्रोथ 5.2 फीसदी रही।

 

 

पावर जनरेशन, माइनिंग में अच्छी रही ग्रोथ

इंडेक्स में 77.63 फीसदी का योगदान करने वाले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ जून में 6.9 फीसदी रही, हालांकि मई की तुलना में यह 0.7 फीसदी कम रही। इस महीने के दौरान पावर जनरेशन की ग्रोथ बढ़कर 8.5 फीसदी हो गई, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 2.1 फीसदी रहा था।

माइनिंग सेक्टर ने जून में शानदार ग्रोथ दर्ज की, जो जून, 2017 के 0.1 फीसदी की तुलना में बढ़कर 6.6 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई।

 

 

कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी दिखी अच्छी तेजी

कैपिटल गुड्स सेक्टर की ग्रोथ 9.6 फीसदी रही है। कन्जयूमर ड्यूरेबल्स की ग्रोथ जून महीने में 13.1 फीसदी रही है, जबकि मई में यह 4.3 फीसदी थी।

आईसीआरए में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने इसे लेकर कहा था, 'ऑटोमोबाइल प्रॉडक्शन, नॉन-ऑइल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स में ग्रोथ के चलते औद्योगिक उत्पादन में इजाफे की दर 6 फीसदी तक हो सकती है। इसमें भी मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर का योगदान अधिक हो सकता है।' उनकी यह भविष्यवाणी काफी हद तक सही साबित हुई है।

 
 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन