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जून तिमाही में 8.2% रही GDP ग्रोथ, 15 तिमाही के उच्चतम स्तर पर पहुंची

अप्रैल-जून, 2018 के GDP के आंकड़ों ने मोदी सरकार को बड़ी राहत दी है।

India Jun quarter GDP growth 8.2%

नई दिल्ली. अप्रैल-जून, 2018 के GDP के आंकड़ों ने मोदी सरकार को बड़ी राहत दी है। वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही के दौरान जीडीपी ग्रोथ सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए 8.2 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जो पिछली 15 तिमाही का उच्चतम स्तर है। वहीं एक साल पहले समान अवधि के दौरान यह आंकड़ा 5.6 फीसदी रहा था।

 

 

दुनिया में मजबूत हुई भारत की पोजिशन

ग्रोथ के इन आंकड़ों से तेजी से उभरती हुई इकोनॉमीज में भारत की स्थिति और भी मजबूत हुई है। वहीं जून तिमाही के दौरान चीन की ग्रोथ रेट 6.7 फीसदी रही।

सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस ने एक बयान में कहा कि जून, 2018 में समाप्त तिमाही के दौरान कॉन्स्टैंट प्राइस (2011-12) पर भारत की जीडीपी अनुमानित तौर पर 33.74 लाख करोड़ रुपए रही, जबकि 2017-18 की पहली तिमाही के दौरान यह आंकड़ा 31.18 लाख करोड़ रुपए रहा था। इस प्रकार भारत की जीडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी रही। इससे पहले वित्त वर्ष 2014-15 में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान भारत की ग्रोथ 8.4 फीसदी रही थी।

 

 

मैन्युफैक्चरिंग से मिला दम

आंकड़ों के मुताबिक, जीडीपी ग्रोथ को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से तगड़ा बूस्ट मिला। अप्रैल-जून के दौरान मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ बढ़कर 13.5 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जबकि एक साल पहले समान अवधि में इसमें 1.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।

 

 

सर्विस सेक्टर में सुस्ती

हालांकि सर्विसेस सेक्टर में सुस्ती दर्ज की गई, जो एक साल पहले की समान अवधि के 9.5 फीसदी से घटकर 7.3 फीसदी रह गई।

वहीं इंडस्ट्री ग्रोथ को अच्छा बूस्ट मिला, जो अप्रैल-जून, 2018 के दौरान 10.3 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। वहीं एक साल पहले यानी अप्रैल-जून, 2017 में यह आंकड़ा महज 0.1 फीसदी रहा था।

 

 

कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी अच्छी ग्रोथ

कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई, जो एक साल पहले की समान अवधि की 1.8 फीसदी से बढ़कर 8.7 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई।

हालांकि माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ कुछ सुस्त होकर 0.1 फीसदी रह गई, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह 1.7 फीसदी रही थी।

कृषि क्षेत्र की ग्रोथ 3 फीसदी से बढ़कर 5.3 फीसदी के स्तर पर आ गई।

 
 
 

 
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