Home » Economy » PolicyIndia and 9 other Asian economies to pull ahead of US in terms of GDP by 2030

अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था को पीछे छोड़ देंगे भारत सहित 9 एशियाई देश, DBS ने जारी की रिपोर्ट

भारत ने हाल ही में GDP के मामले में फ्रांस को पीछे छोड़ कर छठा स्‍थान हासिल किया है।

India and 9 other Asian economies to pull ahead of US in terms of GDP by 2030

 

नई दिल्ली. भारत सहित एशिया की 10 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का सम्मिलित रियल जीडीपी (GDP) 10-12 वर्ष में अमेरिका से अधिक हो जाएगी। DBS की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इन एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की GDP तेज वृद्धि के साथ 2030 तक 28,000 अरब डॉलर हो जाएगी, जो अमेरिका से अधिक होगी। डीबीएस के अनुसार इन दस अर्थव्यवस्थाओं में चीन , हांगकांग , भारत , इंडोनेशिया , मलेशिया , फिलिपीन , सिंगापुर , दक्षिण कोरिया , ताइवान और थाइलैंड शामिल हैं।

 

-रिपोर्ट में कहा गया है कि ये दस अर्थव्यवस्थाएं 2030 तक तेजी से बढ़ेंगी और इनकी सम्मिलित वास्तविक जीडीपी (2010 के डॉलर मूल्य) पर 28,350 अरब डॉलर के बराबर होगा। वहीं इस दौरान अमेरिका का सकल घरेलू उत्पाद बढ़ कर 22,330 अरब डॉलर ही रहेगा। DBS ने कहा कि हमें उम्मीद है कि 2030 तक एशिया की दस प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका को पीछे छोड़ देंगी।

 

जीडीपी के मामले में भारत ने फ्रांस को पीछे छोड़ा

इससे पहले इसी महीने आई वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उसने इस मामले में फ्रांस को पीछे छोड़कर यह मुकाम हासिल किया है। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, भारत की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) पिछले साल के आखिर में 2.597 ट्रिलियन डॉलर (178 लाख करोड़ रुपए) रही, जबकि फ्रांस की 2.582 ट्रिलियन डॉलर (177 लाख करोड़ रुपए) रही। कई तिमाहियों की मंदी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था जुलाई 2017 से फिर से मजबूत होने लगी है। हालांकि भारत की आबादी इस समय 1.34 अरब यानी 134 करोड़ है और यह दुनिया का सबसे आबादी वाला मुल्क बनने की दिशा में अग्रसर है। उधर, फ्रांस की आबादी 6.7 करोड़ ही है। वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, फ्रांस की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से 20 गुना ज्यादा है।

 

नोटबंदी और जीएसटी से उबर रही अर्थव्‍यवस्‍था

वर्ल्ड बैंक ग्लोबल इकोनॉमिक्स प्रॉस्पेक्टस रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी और जीएसटी के बाद आई मंदी से भारत की अर्थव्यवस्था उबर रही है। नोटबंदी और जीएसटी (माल एवं सेवा कर) के कारण दिखे ठहराव के बाद पिछले साल मैन्युफैक्चरिंग और उपभोक्ता खर्च भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के प्रमुख कारक रहे। एक दशक में भारत ने अपनी जीडीपी को दोगुना कर दिया है और संभावना जताई जा रही है कि चीन की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। ऐसे में एशिया में भारत प्रमुख आर्थिक ताकत के तौर पर उभर सकता है। उम्मीद जताई गई है कि भारत 2032 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट