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INX मीडिया केसः कार्ति चिदंबरम को 20 मार्च तक गिरफ्तार न करे ED, HC ने दी राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस लीडर पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में अंतरिम राहत दी है।

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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस लीडर पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) से इस मामले में 20 मार्च तक कार्ति को गिरफ्तार नहीं करने के लिए कहा है। मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में अगली सुनवाई 20 मार्च को होनी है। हालांकि पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें झटका दिया है।

 

 

12 मार्च तक रहेंगे कस्टडी में
उधर पटियाला हाउस कोर्ट ने एक बार फिर कार्ति की सीबीआई हिरासत बढ़ा दी है। अब वह 12 मार्च तक सीबीआई की कस्टडी में रहेंगे। साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को तिहाड़ जेल में कार्ति चिदंबरम का उनके सीए से आमना-सामना कराने की अनुमति दी है।
 

 

अगली सुनवाई तक न हो गिरफ्तारी

जस्टिस एस रविंद्र ने यह भी साफ कर दिया कि अगर स्पेशल कोर्ट सीबीआई के केस में कार्ति को बेल दे देती है, तो ईडी अगली सुनवाई तक कार्ति को गिरफ्तार नहीं करेगी। सीबीआई ने ही कार्ति के खिलाफ करप्शन का केस दर्ज किया है।

कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में हो रही कार्रवाई और भेजे गए समन को चैलेंज करने वाली कार्ति की अपील पर केंद्र और ईडी को नोटिस भेजकर जवाब भी मांगा है। कार्ति ने गुरुवार को ही इस मामले में हाईकोर्ट में अपील की थी।

 

सीबीआई ने कार्ति को किया था गिरफ्तार

सीबीआई ने फरवरी के अंत में आईएनएक्स मीडिया केस में कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया था। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति को अरेस्ट करने के पीछे सीबीआई का तर्क था कि कार्ति जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहे हैं। दो हफ्ते पहले ईडी ने उनके चार्टर्ड अकाउंटैंट एस. भास्करन को गिरफ्तार किया था। इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी थी।

 

कार्ति‍ के ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

- हाल ही में ईडी ने कार्ति चिदंबरम के दिल्ली और चेन्नई स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी।

- ईडी ने 2007 में आईएनएक्स मीडिया के लिए फॉरेन इन्वेस्टमेंट में अनियमितताओं के कारण कार्ति चिदंबरम के लिए समन जारी किया था।

- सीबीआई इस मामले की अलग से जांच कर रही है। सीबीआई ने इस मामले में पीटर और इंद्राणी मुखर्जी को भी जांच के दायरे में लाया हुआ है।

 

क्या है मामला, क्या हैं आरोप?

- कार्ति के पिता पी. चिदंबरम यूपीए सरकार में पहले होम और बाद फाइनेंस मिनिस्टर रह चुके हैं।

- सीबीआई का आरोप है कि एक कंपनी जिस पर इनडाइरेक्टली कार्ति का कंट्रोल था, उसको इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के मीडिया हाउस (आईएनएक्स मीडिया) से फंड ट्रांसफर हुआ। कार्ति के अलावा चार और लोगों को इस मामले में समन जारी किए गए थे। कार्ति और आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

- आरोप है कि कार्ति ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके आईएनएक्स को फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस हासिल करने में मदद की थी। इस मामले में उनके घर और ऑफिस पर कुछ महीने पहले छापे भी मारे गए थे। कार्ति ने कहा था कि केंद्र बदले की भावना से कार्रवाई कर रहा है।

- ये समन 27 और फिर 29 जून को जारी किए गए थे। लेकिन, कार्ति ने जांच एजेंसियों से और वक्त की मांग की।

- आईएनएक्स मीडिया का नाम बदलकर अब 9एक्स हो गया है। उस समय पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी इसका संचालन करते थे।

 
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