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अप्रैल-सितंबर में 2.88 लाख Cr रु उधार लेगी सरकार, जारी करेगी इनफ्लेशन इंडेक्स्ड फंड

नई दिल्ली. सरकार अगले वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान 2.88 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लेगी, जो बजट में प्रस्तावित कुल बॉरोइंग का लगभग 47.56 फीसदी है। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष यानी 2017-18 के अप्रैल-सितंबर छमाही के दौरान ग्रॉस बॉरोइंग 3.72 लाख करोड़ रुपए रही थी।

 

1-4 साल की सिक्युरिटीज लाएगी सरकार
इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि सरकार सीपीआई या रिटेल इनफ्लेशन से लिंक्ड इनफ्लेशन इंडेक्स्ड बॉन्ड्स भी लेकर आएगी। इसके साथ ही 1-4 साल की अवधि वाली सरकारी सिक्युरिटीज भी पेश की जाएंगी।

 

वित्त वर्ष में 6.05 लाख करोड़ रु जुटाने का प्रस्ताव
उन्होंने कहा कि बजट में वित्त वर्ष 2018-19 के लिए सरकारी सिक्युरिटीज के माध्यम से कुल 6.05 लाख करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे जीडीपी के 3.3 फीसदी फिस्कल डेफिसिट के लिए फंडिंग में इस्तेमाल किया जाएगा।

 

ओवरड्राफ्ट की नहीं पड़ेगी जरूरत
गर्ग ने रिपोर्टर्स से बातचीत में कहा, ‘हमें भरोसा है कि हम ओवरड्राफ्ट में जाए बिना अपने सभी खर्चों को पूूरा करने में कामयाब होंगे।’ अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान प्रस्तावित कुल उधारी का 47.56 फीसदी बीते 5 साल के औसत 60-65 फीसदी से खासा कम है।

 

बायबैक में 25 हजार करोड़ की कमी की योजना
गर्ग ने कहा कि अगले वित्त वर्ष के दौरान सरकारी सिक्युरिटीज के बायबैक में 25 हजार करोड़ रुपए तक की कमी लाई जाएगी। इसके अलावा सरकार फिस्कल डेफिसिट की भरपाई के लिए नेशनल स्माल सेविंग्स फंड (एनएसएसएफ) से भी 1 लाख करोड़ रुपए विदड्रा करेगी, जो चालू वित्त वर्ष की तुलना में 25 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है।

 

घटेगा बाजार उधारी कार्यक्रम
गर्ग ने कहा कि इससे सरकार के कुल बाजार उधारी कार्यक्रम में खासी कमी आ सकती है। क्या यह 50 हजार करोड़ रुपए कम होगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि हां ऐसा होना चाहिए।

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