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फिलहाल नहीं घटेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें, सरकार का एक्साइज ड्यूटी में कटौती से इनकार

फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना नहीं है।

Govt says no on petrol and diesel price cut

 

 

नई दिल्ली. फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना नहीं है। केंद्र सरकार ने अपनी वित्तीय जरूरतों के मद्देनजर ऐसा करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस संबंध में राज्य सरकारों की तरफ से जरूर कुछ राहत मिल सकती है। राजस्थान सरकार ने वैल्यु ऐडेड टैक्स (VAT) में कमी करके इस दिशा में कदम भी बढ़ा दिए, जिससे सोमवार को राज्य में दोनों फ्यूल की कीमतें 2.5 रुपए प्रति लीटर कम भी हो गई। उधर आंध्र प्रदेश ने भी दोनों फ्यूल पर टैक्स में 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया है।

उधर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने सोमवार को नए ऑलटाइम हाई को टच किया।

 

राजस्थान ने 4 फीसदी घटाया वैट

राजस्थान की चीफ मिनिस्टर वसुंधरा राजे ने रविवार को पेट्रोल पर वैट 30 फीसदी से घटाकर 26 फीसदी कर दिया, वहीं डीजल पर वैट 22 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया। इससे राज्य में सोमवार को पेट्रोल और डीजल 2.50 रुपए सस्ता हो गया। माना जा रहा है कि दूसरे राज्य भी इस दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। राजे ने ‘राजस्थान गौरव यात्रा’ के दौरान यह ऐलान किया।

 

 

आंध्र प्रदेश ने भी टैक्स में की 2 रु की कटौती

राजस्थान की तर्ज पर आंध्र प्रदेश ने भी पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में कटौती का ऐलान किया है। राज्य विधानसभा में यह ऐलान करते हुए मुख्य मंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि केंद्र फ्यूल पर लेवी लगाकर भारी रेवेन्यू हासिल करता है, लेकिन आम आदमी पर बोझ कम करने के लिए मामूली कटौती करता है। राज्य दोनों फ्यूल पर फिलहाल 31 फीसदी वैट के साथ ही 4 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त टैक्स वसूल रहा है। राज्य के कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा कि अब 2 रुपए प्रति लीटर एडीशनल टैक्स कंपोनेंट में कमी की जा रही है। इस क्रम में राज्य में पेट्रोल घटकर 84.71 और डीजल 77.98 रुपए प्रति लीटर हो जाने का अनुमान है।

 

 

 

केंद्र का एक्साइस ड्यूटी में कटौती से इनकार

उधर फाइनेंस मिनिस्ट्री के सूत्रों ने अपनी वित्तीय जरूरतों के चलते फ्यूल पर एक्साइस ड्यूटी में कटौती से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने से तेल की कीमतों की समस्या दूर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का बोझ ऑयल रिटेलर कंपनियों पर भी नहीं डाला जा सकता, इससे उनकी स्थिति कमजोर होगी।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी नीतियों, क्रूड ऑयल, ट्रेड वार जैसे ग्लोबल फैक्टर्स से रुपया कमजोर हो रहा है, जिसका असर पेट्रोल-डीजल पर पड़ रहा है। हालांकि, डॉलर को छोड़ दें तो दूसरी ग्लोबल करंसीज की तुलना रुपया अभी भी मजबूत स्थिति में है।

 

 

नई ऊंचाई पर पहुंची पेट्रोल-डीजल की कीमतें

सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच गईं। क्रूड का इंपोर्ट महंगा होने और रुपए के कमजोर होने से सरकार तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 23 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 22 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी कर दी। इससे दिल्ली में पेट्रोल 80.73 रु प्रति लीटर के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। वहीं डीजल की कीमतें 72.83 रुपए के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गर्ईं।

सभी मेट्रो शहरों की बात करें तो टैक्स कम होने की वजह से दिल्ली में दोनों फ्यूल की कीमतें सबसे कम हैं। अगस्त के मध्य से पेट्रोल 3.65 रुपए और डीजल 4.06 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है। इसकी वजह डॉलर की तुलना में रिकॉर्ड कमजोर रही है।

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