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भगोड़ा अार्थिक अपराध कानून लागू करने के दिशा-निर्देश जारी, जांच में आएगी तेजी

सरकार ने भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून को लागू करने के तरीकों को जारी किया है।

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नई दिल्‍ली. सरकार ने भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून को लागू करने के तरीकों को जारी किया है। इसे एक अध्‍यादेश के तहत लागू किया था। जो लोग आर्थिक अपराध करके विदेश भाग जाते हैं और जांच का सामना नहीं करते हैं उनके खिलाफ इस कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कानून को राष्‍ट्रपति ने पिछले हफ्ते ही मंजूरी दी थी। सरकार यह कानून PNB से फ्रॉड करके भागे नीरव मोदी जैसे अपराधियों के बाद लाई है।

 

विदेश भागे आर्थिक अपराधियों पर तेज होगी कार्रवाई

इस कानून के तहत अब आर्थिक अपराध करके विदेश भागने वालों के खिलाफ तेज कार्रवाई की जा सकेगी। जो लोग आर्थिक गड़बड़ी की जांच के दौरान विदेश भाग जाते हैं और जांच का सामना नहीं करते हैं उनके खिलाफ यह कानून लागू किया जाएगा।

 

 

आर्थिक नुकसान की भारपाई संपत्ति जब्‍त करके होगी

इस कानून के तहत बैंक या अन्‍य संस्‍था को जो आर्थिक नुकसान होगा उसकी भरपाई भगोड़े आर्थिक अपराधी की संपत्ति जब्‍त करके की जाएगी। यह कानून नीरव मोदी जैसे अ‍पराधियों के विदेश भाग जाने के बाद सरकार ने बनाया है। नीरव मोदी पर करीब 13 हजार करोड़ रुपए के फ्रॉड का आरोप है।

 

 

वित्‍त मंत्रालय ने जारी किए नियम

वित्‍त मंत्रालय ने इस संबंध में नियम जारी किए हैं। इसमें कैसे किसी को भागोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाएगा, उसकी संपत्ति के आटैचमेंट के आर्डर जारी होंगे और उसकी जब्‍त संपत्ति का प्रबंधन कैसे होगा इसके संबंध में गाइडलाइन जारी की गई है।

 

 

असिस्‍टेंड डायरेक्‍टर स्‍तर का अधिकारी जारी करेगा आदेश

भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून के तहत ED का असिस्‍टेंड डायरेक्‍टर या उसके बड़े स्‍तर का अधिकारी इस कानून के तहत कोई आदेश जारी कर सकता है। इसके तहत रिकॉर्ड या प्रॉपर्टी की सर्च या सीज करने के अधिकार शामिल हैं। अगर अधिकारी को लगता है कि ऐसी सर्च या सीजर जांच में मदद कर सकते हैं तो अध्‍ािकारी इसका आदेश दे सकता है।

 

 

ED में स्‍पेशल डायरेक्‍टर ऑफ इनफोर्समेंट बड़े फैसले ले सकता है

ED में स्‍पेशल डायरेक्‍टर ऑफ इनफोर्समेंट बड़े फैसले ले सकता है। यह अधिकारी संपत्ति जब्‍त करने का आदेश जारी कर सकता है। जो भी अचल संपत्ति जब्‍त की जाएगी उसकी देखरेख के लिए यही अधिकारी जिम्‍मेदार होगा। इस स्‍तर का अधिकारी ही जब्‍त संपत्ति की देखरेख की व्‍यवस्‍था करेगा।

 

नकदी और जेवरात को कराना होगा जमा

इसके तहत जब्‍त की गई नकदी और जेवरात सहित अन्‍य सामानों को अधिकारी निकट की सरकारी ट्रेजरी, आरबीआई या एसबीआई के पास जमा कराएंगे। इन सुविधाओं के अभाव में यह सामान किसी भी सरकारी बैंक के पास जमा कराया जा सकता है।

 

विशेष अदालत घोषित करेंगी भगोड़ा अपराधी

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्‍ट 2002 के तहत गठित विशेष आदलतें इस कानून के तहत किसी भी मामले में भगोड़ा अपराधी घोषित करेंगी। इस अध्‍यादेश को 21 अप्रैल को ही राष्‍ट्रपति ने मंजूरी दी थी। इसके तहत जिस के खिलाफ अरेस्‍ट वारंट जारी हो और वह जांच से भाग रहा हो उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा सकता है। हालांकि फ्रॉड, चेक का भुगतान न करना और 200 करोड़ रुपए से ज्‍यादा के मामले ही इस कानून के तहत आएंगे।

 
 
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