आर्थिक मोर्चे पर सरकार को बड़ी सफलता, FY19 में फिस्कल डेफिसिट का टारगेट हुआ हासिल

सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लगी है। वित्त वर्ष 2018-19 में अंतिम वक्त में सरकार फिस्कल डेफिसिट (fiscal deficit) का 3.4 फीसदा का लक्ष्य हासिल करने में कामयाब रही है। हालांकि इसके लिए सरकार को खर्च में कटौती और फ्यूल सब्सिडी के रोलओवर के माध्यम से टैक्स कलेक्शन में कमी की भरपाई करनी पड़ी।

moneybhaskar

Apr 09,2019 08:15:00 PM IST


नई दिल्ली. सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लगी है। वित्त वर्ष 2018-19 में अंतिम वक्त में सरकार फिस्कल डेफिसिट (fiscal deficit) का 3.4 फीसदा का लक्ष्य हासिल करने में कामयाब रही है। हालांकि इसके लिए सरकार को खर्च में कटौती और फ्यूल सब्सिडी के रोलओवर के माध्यम से टैक्स कलेक्शन में कमी की भरपाई करनी पड़ी।

अंतरिम बजट में बढ़ाकर 3.4 फीसदी कर दिया था टारगेट

फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट में वित्त वर्ष 2018-19 के लिए फिस्कल डेफिसिट के लक्ष्य को संशोधित करके 3.3 फीसदी से बढ़ाकर 3.4 फीसदी कर दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, खर्च में कमी और फ्यूल सब्सिडी को आगे बढ़ाने से जैसे कई अन्य उपायों के दम पर रिवाइज टारगेट को हासिल करने में मदद मिली। इसके साथ ही गैर टैक्स रेवेन्यू कलेक्शन विशेषकर डिसइन्वेस्टमेंट में बढ़ोतरी से भी फायदा मिला।

पीएसयू तेल कंपनियों को सब्सिडी का भुगतान टाला

2018-19 में पीएसयू तेल कंपनियों को एलपीजी और केरोसिन की बिक्री के एवज में दी जाने वाली 25 हजार से 30 हजार करोड़ रुपए तक सब्सिडी के भुगतान को आगे बढ़ा दिया गया और अब इसका भुगतान चालू वित्त वर्ष में किया जाएगा।

फाइनेंस सेक्रेटरी ने दिलाया था भरोसा

पिछले हफ्ते फाइनेंस सेक्रेटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि सरकार 2018-19 में 3.4 फीसदी फिस्कल डेफिसिट का टारगेट हासिल करने के काफी करीब है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हम फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य हासिल करने के काफी करीब हैं।’

डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन रहा कम

फाइनेंस मिनिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार के 2018-19 के लिए डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के 12 लाख करोड़ रुपए के टारगेट से लगभग 50 हजार करोड़ रुपए पीछे रहने की उम्मीद है। सरकार ने वित्त वर्ष के लिए डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का टारगेट बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपए कर दिया था, जो मूल रूप से 11.50 लाख करोड़ रुपए था। यह संशोधन फरवरी में 2019-20 के लिए आगे अंतरिम बजट में किया गया था।

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