Home » Economy » Policyचार्टर्ड अकाउंटैंट्स पर सख्त होगी सरकार, बना सकती है अलग रेग्युलेटर- Govt in favour of separate regulator for CAs

चार्टर्ड अकाउंटैंट्स पर सख्त होगी सरकार, बना सकती है अलग रेग्युलेटर

सरकार अकाउंटिंग और ऑडिटिंग स्टैंडर्ड्स के कंप्लायंस की देखरेख के एक स्वतंत्र रेग्युलेटर बनाने के पक्ष में है।

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नई दिल्ली. सरकार अकाउंटिंग और ऑडिटिंग स्टैंडर्ड्स के कंप्लायंस की देखरेख के साथ ऑडिट प्रोफेशनल्स यानी सीए पर नजर रखने के लिए एक स्वतंत्र रेग्युलेटर के पक्ष में है। सरकार ने संसद में यह जानकारी दी। हालांकि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटैंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने कहा कि रेग्युलेटर का मौजूदा फ्रेमवर्क इस कार्य के लिए 'पर्याप्त' है।

 

 

सरकार ने संसद में दिए संकेत

स्टेट कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्टर पी पी चौधरी ने लोकसभा में दिए लिखित जवाब में कहा, 'हालांकि सरकार की राय में आईसीएआई फ्रेमवर्क में मौजूदा सेल्फ रेग्युलेशन मेकैनिज्म के अलावा एक स्वतंत्र रेग्युलेटर की जरूरत है, जो अकाउंटिंग व ऑडिटिंग स्टैंडर्ड्स की देखरेख के साथ ऑडिट प्रोफेशनल्स पर भी नजर रख सके।'

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 50 देशों में ऐसे काम स्वतंत्र रेग्युलेटर्स भी करते हैं। मिनिस्टर ने कहा कि नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) की स्थापना की दिशा में काम हो रहा है।

 

कंपनी एक्ट में है एनएफआरए की व्यवस्था

कंपनी एक्ट में एनएफआरए की स्थापना की व्यवस्था है, जो अकाउंटिंग और ऑडिटिंग पॉलिसीज, स्टैंडर्ड्स को अपनाने, उनकी कंप्लायंस की निगरानी और ऐसे कंप्लायंस से जुड़े प्रोफेशनल्स की सर्विस की क्वालिटी पर नजर रखने के लिए सरकार को सिफारिशें भेजेगा।

 

आईसीएआई ने बताया कि इस साल 20 दिसंबर तक अनुशासनात्मक कार्रवाई के विभिन्न चरणों में कुल 1,583 मामले लंबित हैं।

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