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एअर इंडिया के लिए अब 31 मई तक हो सकेगी बिडिंग, सरकार ने बढ़ाई डेडलाइन

केंद्र सरकार ने मंगलवार को एअर इंडिया के डिसइन्वेस्टमेंट के प्रोसेस के अंतर्गत ईओआई के लिए बिडिंग की डेडलाइन बढ़ा दी है।

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंगलवार को एअर इंडिया के डिसइन्वेस्टमेंट के प्रोसेस के अंतर्गत एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट्स (ईओआई) के लिए बिड जमा करने की डेडलाइन 31 मई, 2018 तक के लिए बढ़ा दी है।  सिविल एविएशन मिनिस्ट्री द्वारा जारी ‘शुद्धि पत्र’ के मुताबिक ईओआई बिड जमा करने की आखिरी तारीख 14 मई से बढ़ाकर 31 मई, 2018 कर दी गई है। 
इस क्रम में ‘पात्र इंटरेस्टेड बिडर्स (क्यूआईबी) को सूचना देने’ की तारीख भी 28 मई से बढ़ाकर 15 जून कर दिया गया है। 

 

 

एविएशन मिनिस्ट्री ने दिए कई क्लैरिफिकेशन 
मिनिस्ट्री ने इच्छुक बिडर्स के अनुरोध पर एक डॉक्यूमेंट जारी करके डिसइन्वेस्टमेंट प्रोसेस के संबंध में कई क्लैरिफिकेशन दिए। सरकार की एअर इंडिया की 24 फीसदी हिस्सेदारी अपने पास रखने से संबंधित कई क्वेरीज पर मिनिस्ट्री ने कहा, ‘भारत सरकार मैनेजमेंट कंट्रोल के साथ 76 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है।’

 

 

सरकार की शेयरहोल्डिंग में से दिए जाएंगे ई-शॉप्स 
मिनिस्ट्री ने कहा, ‘कंपनी एक्ट और शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट के तहत भारत सरकार के पास माइनॉरिटी इन्वेस्टर जैसे ही अधिकार होंगे। आरएफपी स्टेज में शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट का एक ड्राफ्ट उपलब्ध कराया जाएगा।’
इसके साथ ही मिनिस्ट्री ने स्पष्ट किया कि ईशॉप्स (इम्प्लॉई स्टॉक ओनरशिप प्लान) भी भारत सरकार की शेयरहोल्डिंग में से उपलब्ध कराई जाएगी।  

 

 

28 मार्च को जारी हुआ था प्रेलिमिनेरी इन्फोर्मेशन मेमोरैंडम 
28 मार्च को केंद्र सरकार ने एअर इंडिया के साथ ही एआईएक्सएल (एअर इंडिया एक्सप्रेस) में एअरलाइन के शेयर और एआईएसएटीएस (एअर इंडिया सैट्स एअरपोर्ट सर्विसेस) के स्ट्रैटेजिक डिसइन्वेस्टमेंट के लिए प्रेलिमिनेरी इन्फोर्मेशन मेमोरैंडम (पीआईएम) जारी करके एयरलाइन के इम्प्लॉइज के साथ ही प्राइवेट एंटिटीज से ‘ईओआई’ इन्वाइट किए थे। 

 

 

इन कंपनियों की हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
केंद्र सरकार के पास एअर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं एअर इंडिया एक्सप्रेस में एयरलाइन की 100 फीसदी, वहीं ज्वाइंट वेंचर एआईएसएटीएस में उसकी 50 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके तहत सरकार की एअर इंडिया में 76 फीसदी, एआईएक्सएल में 100 फीसदी और एआईएसएटीएस में 50 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना है।

 

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