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Crisidex सर्वे में MSEs का कारोबारी कांफिडेंस कायम, मैन्‍युफैक्‍चरिंग में ग्रोथ की उम्‍मीद

दूसरे तिमाही Crisidex सर्वे में मैक्रो एंड स्‍मॉल इंटरप्राइजेज (MSEs) का कारोबारी कांफिडेंस कायम है।

MSEs remain upbeat on growth prospects

 

नई दिल्‍ली. दूसरे तिमाही Crisidex सर्वे में मैक्रो एंड स्‍मॉल इंटरप्राइजेज (MSEs) का कारोबारी कांफिडेंस कायम है। इस सर्वे में कारोबारियाें ने ग्रोथ की अच्‍छी संभावनाएं जताई हैं। यह सर्वे जनवरी से मार्च 2018 के दौरान किया गया था। इन कारोबारियों ने पहले सर्वे की तुलना में दूसरे सर्वे में मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में ग्रोथ की उम्‍मीद जताई है। पहला सर्वे अक्‍टूबर से दिसबंर 2017 के बीच किया गया था। इसमें इंडेक्‍स बढ़त के साथ 121 अंक पर रहा, जबकि पहले सर्वे में यह 107 अंक पर था।

 

कारोबारी सेंटीमेंट बताता है इंडेक्‍स

CriSidEx सर्वे कारोबार का सेंटीमेंट बताता है। इसमें 5 मैन्‍युफैक्‍चरिंग और 3 सर्विसेस को शामिल किया है, जिनके बारे में यह सर्वे जानकारी देता है। इसमें सभी को बराबर का वैटेज दिया गया है। इसमें डाटा 0 से 200 अंक के बीच होता है। 0 का मतलब सबसे खराब और 200 का मतलब सबसे अच्‍छा है। अभी तक हुए दोनों सर्वे में देशभर के 1100 MSE शामिल हुए हैं।

 

 

​कौन कौन से क्षेत्र शामिल

मैन्‍युफैक्‍चरिंग में कैमिकल, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियंरिंग एंड कैपिटल गुड्स को शामिल किया गया है। इसके अलावा लेदर एंड लेदर गुड्स, जेम एंड ज्‍वैलरी सेक्‍टर को भी शामिल किया गया है। सिडबी के चेयरमैन एंड प्रबंध निदेशक माेहम्‍मद मुस्‍तफा के अनुसार इस सर्वे में कंपनियों की तुलना में फर्म ज्‍यादा  पॉजिटिव थीं।

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